झूंसी। वैश्विक हिंदी महासभा एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की ओर से कथाकार स्व. सुलभ अग्निहोत्री की स्मृति में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। सुयश अग्निहोत्री के आवास पर आयोजित कवि गोष्ठी की अध्यक्षता संस्थाध्यक्ष साहित्यकार डॉ.विजयानंद ने की। मुख्य अतिथि डॉ.वीरेंद्र तिवारी और विशेष अतिथि व्रतशील शर्मा रहे।
डॉ. विजयानंद ने कहा कि मैंने सुलभ अग्निहोत्री के उपन्यासों को पढ़ा है। उन्होंने वाल्मीकि रामायण को आधार बनाकर रामकथा को नया आयाम दिया है। मुख्य अतिथि डॉ.वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण लेखन करने वाले साहित्यकारों को मुख्यधारा में लाना चाहिए।
संयोजक अनुपम सिन्हा ने सुलभ अग्निहोत्री के रचनाधर्म के विविध संदर्भों को रेखांकित किया। इस दौरान डॉ. अरविंद श्रीवास्तव, शैलेंद्र चौधरी, अनुपम सिंह, रामकृष्ण द्विवेदी, गंगाप्रसाद त्रिपाठी मासूम, रीना अग्निहोत्री आदि ने कविता पाठ किया।