सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि जगदंबा प्रसाद ने अपने कमरे में धोती से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले जगदंबा प्रसाद को फंदे से नीचे उतार लिया गया था। पुलिस को मौके से एक पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसमें जगदंबा प्रसाद ने अपनी मौत का जिम्मेदार खजांची को ठहराया।
पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि कलेक्शन के 65 लाख रुपये पोस्ट ऑफिस की ट्रेजरी में जमा किए जाने थे। यह रकम कार्यालयीय प्रक्रिया के तहत जमा होनी थी, लेकिन पोस्ट ऑफिस के अधिकारियों ने पुलिस बयान में बताया कि रुपये ट्रेजरी में जमा नहीं किए गए हैं। सोमवार को कैश जमा कराने और मिलान के संबंध में जगदंबा प्रसाद से बातचीत हुई थी, इसके बाद उनकी मौत की सूचना मिली।
सुसाइड नोट फॉरेंसिक लैब भेजा
परिजनों ने पुलिस को बताया कि जगदंबा प्रसाद ने हाल के दिनों में मानसिक तनाव की बात कही थी। आशंका है कि कैश जमा करने और ट्रेजरी इंट्री को लेकर कार्यालय में किसी प्रकार का विवाद या दबाव था। बहरहाल पुलिस ने सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान करने के लिए इसे फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।
कभी खुलकर कुछ नहीं बताया...
घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर हाल बेहाल है। पत्नी और दोनों बेटे सदमे में हैं। परिजनों ने बताया कि जगदंबा प्रसाद बेहद जिम्मेदार और ईमानदार व्यक्ति थे। उन्हें किसी बात की गहरी चिंता थी, लेकिन उन्होंने कभी खुलकर कुछ नहीं बताया। उधर, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, सुसाइड नोट में पोस्टमार्टम न कराने की अंतिम इच्छा जताई गई थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
आखिर कहां गए 65 लाख रुपये
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 65 लाख रुपये ट्रेजरी में जमा किए जाने थे, लेकिन रकम जमा नहीं हुई। मामले में पुलिस खजांची समेत विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से रुपये के लेनदेन, कैश मिलान को लेकर पूछताछ करने में जुटी है। वहीं, कई लोगों का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाया गया है और उनसे पूछताछ की गई है।
मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें खजांची पर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट ऑफिस में वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी की बात सामने आई है। मोबाइल नंबर के सीडीआर और पोस्ट ऑफिस के दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अजेंद्र यादव, एसीपी धूमनगंज
शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे तक जगदंबा प्रसाद ने ऑनलाइन इंट्री में 65 लाख रुपये दिखाए थे, लेकिन यह रुपये ट्रेजरी में जमा नहीं हुए। अगले दिन रविवार था। सोमवार को संपर्क साधा गया तो उन्होंने कहा कि वह लखनऊ गए थे, रुपये उनके पास हैं। कहा कि ऊंचाहार पहुंच गए हैं, आकर रुपये जमा कर देंगे लेकिन वह नहीं आए। बाद में पता चला कि उन्होंने सुसाइड कर ली है। - सुशील कुमार तिवारी, वरिष्ठ अधीक्षक, डाकघर