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दो बेटियों की हत्या के बाद खुदकुशी: भाई का छलका दर्द कहा... नौकरी और पैसा सब धरा रह गया; पूरा परिवार उजड़ा

Tue, 10 Sep 2024 03:16 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज में पेंटर मनीष प्रजापति के भाई अमित ने कहा कि नौकरी और पैसा सब धरा रह गया पूरा परिवार उजड़ गया। साथ ही उसने कहा कि उसे परेशानी थी तो खुद मर जाता, लेकिन बच्चियों को क्यों मार दिया। धूमनगंज में रविवार को दो बच्चियों की हत्या के बाद पेंटर ने फंदे से लटक कर जान दी थी।
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बेटियों की हत्या के बाद युवक ने की खुदकुशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रयागराज में पेंटर मनीष प्रजापति के दूसरे नंबर के भाई अमित ने बताया कि रविवार दोपहर करीब दो बजे मोहल्ले का एक युवक उनके पास आया और कहा कि मनीष के मकान मालिक आपसे बात करना चाहते हैं। पहले तो इन्कार कर दिया, फिर सोचा कि शायद उसका भाई ही फोन कर पारिवारिक झगड़े के समझौते के बारे में बात करना चाहता हो।
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इस पर मकान मालिक से बात की तो मनीष और उसके दोनों बच्चियों के मौत की सूचना मिली। अमित ने कहा कि नौकरी और पैसा सब धरा रह गया लेकिन उनका परिवार पूरा उजड़ गया।

एक सप्ताह पहले दोनों बच्चियों को दिलाया था कुरकुरे
अमित ने बताया कि मनीष और उसकी पत्नी बच्चों को उन लोगों के पास जाने से मना करती थी। बात नहीं मानने पर उन्हें पीटती थी। एक हफ्ते पहले रास्ते में कोचिंग जाते समय मनीष की दोनों बेटियां नैंसी (5) और खुशबू (3) रास्ते में मिली थीं। उनके साथ बड़े भाई की भी बेटी थी। उसे पैसे देकर दोनों बच्चियों को कुरकुरे दिलाया था।
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उसे परेशानी थी तो खुद मर जाता, बच्चियों को क्यों मार दिया
अमित ने बताया कि पिता के मौत के बाद वह उनकी जगह पर नौकरी करते हैं। उन्होंने अब तक शादी नहीं की है। वह दोनों बच्चियों को बहुत मानते थे। मना करने के बाद भी जब वह रास्ते में आते-जाते देखती थीं तो उन्हें चाचा कहकर बुलाती थीं। 

वे डांट और मार न खाएं इसलिए वह उनको सही से दुलार भी नहीं पाते थे। अमित ने कहा यदि उनका भाई किसी वजह से परेशान था तो खुद मर जाता, लेकिन मासूम बच्चियों को क्यों मार दिया। यह कहते हुए उनकी आंखें भर आईं।

 

धूमनगंज थाना क्षेत्र के रम्मन का पूरा मोहल्ले में दो मासूम बेटियों की हत्या के बाद फंदे से लटककर जान देने वाले मनीष प्रजापति और उसके दोनों बच्चियों के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम किया गया।

उसके बाद परिजन तीनों के शव को लेकर घर पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का हालत बिगड़ते थोड़ी ही देर में शव का अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। वहीं नीवा घाट पर पिता समेत दोनों मासूम बच्चियों के शव को आसपास ही दफना दिया गया।

यह है पूरा मामला
पेंटिंग व इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले मनीष ने रविवार दोपहर दो बेटियों नैंसी (5) और खुशबू (3) की चाकू से गोदकर हत्या करने के बाद फांसी लगाकर जान दे दी थी। पत्नी संगीता के बाजार से आने के बाद घटना की जानकारी हुई। दरवाजा तोड़ा गया तो मनीष का शव फंदे पर जबकि, दोनों बेटियों के शव जमीन पर पड़े मिले।

 

पत्नी के मुताबिक, रविवार को मनीष घर पर ही था। उसे कपड़े लेने थे, ऐसे में दोपहर करीब एक बजे वह सुलेमसराय बाजार चली गई। लगभग एक घंटे बाद वापस आई तो दरवाजा भीतर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। फोन भी बंद था। उसके जानकारी देने पर मकान मालिक व अन्य लोग जुट गए। 

 
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किसी तरह खिड़की का शीशा तोड़कर देखा गया तो मनीष फंदे पर लटका था। दोनों बेटियां जमीन पर मृत पड़ी थीं। सूचना पर पहले डायल 112 और फिर स्थानीय पुलिस पहुंच गई। एक साथ तीन मौतों की खबर पर फोरेंसिक टीम के साथ डीसीपी दीपक भूकर व कुछ देर बाद एडि. सीपी एन कोलांची भी आ गए। वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच दरवाजा तोड़कर पुलिस भीतर दाखिल हुई। जमीन पर मृत पड़ी दोनों बेटियों को चाकू से गोदकर बेरहमी से मारा गया था।
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