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सुहागिनें दो सितंबर को ही रखेंगी हरितालिका तीज का व्रत

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Suhaginen will keep Haritalika Teej fast on September 2 - फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। अबकी दो सितंबर को ही तृतीया और चतुर्थी दोनों ही तिथियां एक साथ पड़ने के कारण एक ओर जहां महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए तीज का व्रत रखेंगी, वहीं प्रतिमा स्थापना के साथ गणेशोत्सव भी आरंभ होगा। तृतीया तिथि पहली सितंबर को 11.02 बजे शुरू होकर दो सितंबर को 9.02 बजे तक रहेगी। फिर चतुर्थी तिथि लग जाएगी जो तीन सितंबर को सुबह 6.49 बजे तक रहेगी।
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नेहरू ग्राम भारती के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष डॉ.देव नारायण पाठक के मुताबिक तृतीया एव चतुर्थी तिथि के योग में ही व्रत रखा जाता है, इसमें हस्त नक्षत्र का योग भी है। ऐसे में दो सितंबर को ही तीज का व्रत रखा जाएगा। साथ ही सुबह 9.02 बजे के बाद गणेश प्रतिमा की स्थापना होगी। वहीं ज्योतिर्विद दिवाकर त्रिपाठी ‘पूर्वांचली’ के मुताबिक तीन सितंबर को सूर्योदय 5.45 बजे है जबकि सुबह 6.49 बजे से पंचमी तिथि लग जाएगी। ऐसे में तीज की व्रती महिलाएं मंगलवार को सूर्योदय 5.45 बजे से लेकर 6.49 बजे के बीच चतुर्थी में ही पारण कर सकती हैं।
गणेश सहस्रनाम से कलश स्थापना
प्राचीन वैदिक पाठशाला की त्रिपौलिया हनुमान मंदिर में गणेश चतुर्थी पर सोमवार को आचार्य किशोर पाठक के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों की ओर से गणेश सहस्रनाम का पाठ किया जाएगा।
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कहीं हाथी दांत, कहीं झूले पर गणपति
प्रयागराज। अबकी गणपति अलग-अलग रूपों में दर्शन देंगे। श्री गणपति जी सदा सहाय फाउंडेशन के अध्यक्ष अखिलेश सहाय के मुताबिक करेलाबाग कॉलोनी में गणपति कदंब के पेड़ पर पड़े झूले पर कान्हा के रूप में बांसुरी बजाते हुए दर्शन देंगे। कदंब के नीचे रिद्धि-सिद्धि और बेटे शुभलाभ भी रहेंगे। बैरहना में भोले के सानिध्य में हाथी के दांत के सिंहासन पर सवार गणपति सवार होंगे। पांच दिनी पूजा के लिए आशीष पांडेय को अध्यक्ष चुना गया है।
योग प्रशिक्षुओं ने बनाई गणेश प्रतिमा
प्रयागराज। सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से संचालित योग प्रशिक्षण के प्रशिक्षुओं ने हैंड ऑई कार्डिनेशन के माध्यम से गणेश प्रतिमा बनाई। योग शिविर प्रभारी मदन मोहन मणि एवं योग प्रशिक्षक केएस लाल की पहल पर पड़िला से मिट्टी मंगाई गई। रजनी और ममता के सहयोग से योग प्रशिक्षु योगिता शर्मा ने मूर्ति बनाई। अब दो सितंबर को योग एवं भजनों की प्रस्तुतियां होंगी।
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