आमतौर पर त्योहार के महीने में राशन कार्डधारकों के लिए कोटे की दुकान से चीनी की मात्रा बढ़ा दी जाती रही है, लेकिन इस बार नवरात्र से पहले लाखों लोगों को झटका लगा है। अप्रैल महीने में राशन की दुकान से सस्ते दर पर चीनी नहीं मिलेगी। केंद्र सरकार ने सब्सिडी खत्म कर दी है। इसकी वजह से राशन की दुकानों को अप्रैल माह के लिए चीनी नहीं मिली है। इससे लोगों में नाराजगी है।
जिले में साढ़े नौ लाख से अधिक पात्र कार्डधारक हैं। इन्हें सस्ते दर पर यानी, 13.50 रुपये प्रति किग्रा के हिसाब से प्रति कार्ड 900 ग्राम चीनी मिलती है। अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या 88 हजार से अधिक है। इन्हें प्रति कार्ड दो किलोग्राम चीनी मिलती है लेकिन केंद्र सरकार ने चीनी पर सब्सिडी खत्म करने की घोषणा की है। इसकी वजह से प्रदेश सरकार भी सस्ते दर पर चीनी वितरण से पीछे हट गई है। हालांकि, आपूर्ति विभाग के पास इस बाबत कोई आदेश नहीं पहुंचा है लेकिन चीनी भी मिल नहीं रही है। अफसरों का कहना है कि अप्रैल महीने के लिए अब तक चीनी मिल जानी चाहिए थी। अन्य खाद्य वस्तुएं मिल भी गई हैं लेकिन चीनी नहीं मिल रही। ऐसे में तय है कि कार्डधारकों को अप्रैल में चीनी नहीं मिलेगी।