परास्नातक परीक्षाओं में परीक्षा के 20 दिन पूर्व अचानक पैटर्न बदलने से छात्रों में परेशानी बढ़ गई है। परास्नातक परीक्षा एक मई से शुरू होनी है। अचानक किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने नोटिस जारी करते हुए दो विषयों में आब्जेक्टिव की बजाय सबजेक्टिव कर दिया है। छात्र इसकी शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से इसकी शिकायत की है। उन्होंने मामले को केजीएमयू प्रशासन के समक्ष उठाया है।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने देश के सभी मेडिकल कॉलेज के विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर अपने-अपने तरीके से परीक्षा करवा सकते हैं। उसी के बाद अचानक केजीएमयू ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को नोटिस जारी की और नए पैटर्न पर परीक्षा कराने का निर्देश जारी कर दिया। केजीएमयू ने कहा कि एमडी की परीक्षा में दो सबजेक्टिव पेपर होंगे जबकि दो वैकल्पिक होंगे जबकि छात्रों को अभी तक मालूम था कि उन्हें चारों पेपर वैकल्पिक होंगे। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों का कहना है कि उन्होंने वैकल्पिक परीक्षा के आधार पर तैयारी की है। पिछले साल ऐसे ही हुआ था और उन्हें भी इसी पैटर्न पर परीक्षा देने की बात बताई गई थी। फिलहाल उनकी शिकायत वीसी तक पहुंची है। अंतिम फैसला उन्हीं को लेना है।