कर्नलगंज में एक दिन पहले असिस्टेंट प्रोफेसर के घर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली एमएड छात्रा ममता ने खुद फांसी लगाकर जान दी थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ। इसके बाद परिजन शव लेकर वाराणसी के लिए रवाना हो गए। उन्होंने पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।
वाराणसी की रहने वाली ममता भारतीया मूल रूप से वाराणसी, डीएलडब्ल्यू की रहने वाली थी। वह इविवि से एमएड कर रही थी और शताब्दी गर्ल्स हॉस्टल के कमरा नंबर 14 में रहती थी। पुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम कर्नलगंज के मोतीलाल नेहरू रोड पर रहने वाले दोस्त असिस्टेंट प्रोफेसर संजय कुमार के कमरे में ममता की लाश फांसी पर लटकते हुए पाई गई थी। संजय ने शव को फंदे से उतारने के बाद पुलिस को सूचना दी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही पुलिस ने संजय को हिरासत में ले लिया था।
देर रात ममता के भाई अनुराग व अन्य रिश्तेदार कर्नलगंज थाने पहुंचे। सुबह फिरोजाबाद से पिता चंद्रबली भी पहुंच गए। थाने में कुछ देर रहने के बाद वह परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाउस चले गए। वहां करीब दो बजे पोस्टमार्टम के बाद वह बेटी का शव लेकर वाराणसी के लिए रवाना हो गए। सूत्रों की मानें तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चला कि ममता ने फांसी लगाकर जान दी थी। उसके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान भी नहीं मिले हैं।
पिता ने कहा, नहीं कराना चाहते मुकदमा
पुलिस सूत्रों की मानें तो पिता चंद्रबली ने इस मामले में किसी तरह का मुकदमा कराने से इंकार कर दिया। उन्होंने पुलिस को किसी तरह की तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह गुमसुम खड़े रहे। किसी से ज्यादा बातचीत नहीं की। मौके पर मौजूद रिश्तेदारों का कहना था कि बेटी की मौत से चंद्रबली को गहरा सदमा लगा है। उधर, बहन की मौत से भाई अनुराग की भी आंखें नम रहीं।
ममता ने ही लिखा था सुसाइड नोट
पुलिस को ममता के कपड़ों से जो सुसाइड नोट मिला था, वह उसने खुद ही लिखा था। घरवालों के आने के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट उन्हें दिखाया तो उन्होंने हैंडराइटिंग का मिलान कर लिया। पिता चंद्रबली ने बताया कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग ममता की हैंडराइटिंग से मेल खाती है।
संजय से हो रही है पूछताछ
उधर ममता का प्रेमी असिस्टेंट प्रोफेसर संजय दूसरे दिन भी पुलिस की हिरासत में रहा। इस बारे में कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है। फिलहाल मृतका के परिजनों ने किसी तरह की तहरीर नहीं दी है। साथ ही कोई आरोप भी नहीं लगाया है। पुलिस की मानें तो परिजनों ने यह भी बताया है कि संजय को वह पहले से जानते हैं।