विरोध का केंद्र रहा सुभाष चौराहा
0 अलग-अलग जुलूस में पहुंचे हजारों लोग, सभी रास्ते बंद तथा दुकानों के गिर गए थे शटर
0 जगह-जगह पुलिस ने रोका तो लिंक मार्ग की ली मदद, देर शाम तक बना रहा तनाव
प्रयागराज। सुभाष चौराहा शुक्रवार को एक बार फिर बड़े आंदोलन का केंद्र बना। पूराने शहर में जामा मस्जिद, अटाला समेत अनेक स्थानों पर लोगों ने प्रदर्शन किया लेकिन इसके बाद सभी के कदम इसी ओर बढ़ते गए। प्रदर्शनकारियों को जगह-जगह रोका गया लेकिन वे आगे बढ़ते गए। जहां ज्यादा दबाव बढ़ा वहां लोगों ने लिंक मार्ग का सहारा लिया लेकिन लक्ष्य सुभाष चौराहा रहा और देखते हुए देखते हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई। अचानक हुजूम आने पर चौराहे के सभी रास्तों पर बेरिकेडिंग कर दी गई तो आसपास की दुकानों के शटर भी गिर गए। डेढ़ घंटे से अधिक समय तक आंदोलन चलता रहा तथा तनाव बना रहा और बवाल की आशंका बनी रही। इसके मद्देनजर पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा।
जामा मस्जिद पर धरना प्रदर्शन के बाद करीब तीन बजे पहला जत्था सुभाष चौराहा की तरफ बढ़ा। जुलूस में बच्चे भी शामिल रहे। उन्हें घंटाघर, जानसेनगंज पर रोका गया लेकिन लोग नहीं रुके। बिजली घर चौराहा पर फोर्स ने दबाव बढ़ाया लेकिन बड़ी संख्या में आंदोलनकारी आगे बढ़ते गए और बस अड्डा होते हुए सुभाष चौराहा पहुंचे। वहीं एक गुट ने नवाब युसूफ की राह पकड़ी और डीआरएम ऑफिस के सामने से सुभाष चौराहा की तरह मुड़ गया। इनके पीछे तीन और बड़े तथा कई छोटे जुलूस सुभाष चौराहा की तरह बढ़े। एक के बाद एक जुलूस को आते देख सुरक्षा कर्मी भी किनारे हो गए और देखते ही देखते सुभाष चौराहा पर हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। जुलूस के आगे बढ़ने के साथ दुकानें भी बंद होती गईं। आंदोलन के दौरान सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग, सरदार पटेल मार्ग के अलावा नवाब युसूफ रोड, बिजली घर आदि स्थानों पर दुकानें बंद रहीं।
सुभाष चौराहा पर एकत्रित आंदोलनकारियों ने एनआरसी और सीएए को वापस लिए जाने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनके हाथ में तख्ती भी रही। आंदोलनकारियों के हुजूम को देखते हुए मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने खुद कमान संभाल रखी थी। डीएम, एसएसपी समेत अनेक अफसर पूरे आंदोलन के दौरान डटे रहे। आंदोलनकारियों के अलावा दुकानदार तथा अन्य लोग भी सुभाष चौराहा के चारों तरफ एवं आसपास के क्षेत्र में अलग-अलग समूह में खड़े रहे। विरोध दर्ज कराने तथा फोर्स का दबाव बढ़ने के बाद करीब साढ़े चार बजे आंदोलनकारी वापस होने लगे। वापसी के दौरान फोर्स हर जुलूस को कवर करते हुए चल रही थी। उनके साथ अफसरों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। आखिरी जुलूस के साथ डीएम और एसएसपी खुद साथ-साथ बिजली घर चौराहे तक गए। इसके बाद भी फोर्स तथा अन्य अफसर जामा मस्जिद तक जुलूस के साथ गए। पूरी तरह से शांति व्यवस्था कायम करने के बाद ही अफसर वापस हुए लेकिन चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही।
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सड़क पर पढ़ी नमाज
0 सुभाष चौराहा पर आंदोलन के दौरान लोगों ने नमाज भी पढ़ी। कई आंदोलनकारी जमीन पर बैठ गए। वहीं सैकड़ों आंदोलनकारी उन्हें घेरकर खड़े हो गए और नमाज पढ़ी।