समाज के कमजोर, वंचित, नि:शक्त तबके के लोगों को संबल प्रदान करने के लिए एक ओर देश के प्रधानमंत्री तक पहल कर रहे हैं। वह हजारों मील की दूरी तय कर उनके पास पहुंच रहे हैं। उधर दूसरी ओर जिले की पुलिस कमजोर, बेसहारा लोगों की सुनवाई करने को लेकर अब भी गंभीर नहीं है।
यही वजह है कि थाने पहुंचे फरियादियों की सुनना तो दूर उनसे गालीगलौज की जा रही है। होलागढ़ थाने से संबंधित एक ऐसे ही मामले का वीडियो वायरल होने के बाद शुक्रवार को हड़कंप मचा रहा।
वायरल वीडियो 25 फरवरी का बताया जा रहा है। इसमें सरार मंदन सिंंह उर्फ चांटी गांव की एक महिला थाने में खड़ी नजर आ रही है। वीडियो की शुरुआत में ही महिला खुद को मारने-पीटने की शिकायत एक दरोगा से करती नजर आती है। इस दौरान एक महिला व एक पुरुष सिपाही भी वहां नजर आते हैं।
हालांकि दरोगा शिकायत सुनने के बजाय उससे पूछताछ है कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी है। महिला के यह बताने पर कि उसके छोटे-छोटे बच्चे व ससुर घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं, दरोगा आक्रोशित होकर और फरियादी को धमकाने लगता है। इतना ही नहीं पास ही खड़ी महिला सिपाही से वह फरियादी महिला को थप्पड़ मारने को भी कहता सुनाई पड़ता है। साथ ही उसे गालियां भी देता है। सोशल मीडिया पर शुक्रवार दोपहर वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने वाले ने यह भी लिखा है कि इस वीडियो को इतना शेयर करो कि यह सीएम योगी व पीएम मोदी तक पहुंच सके। आरोपी दरोगा के बारे में बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही उसका शहर के एक थाने से होलागढ़ तबादला हुआ है। जो पूर्व तैनाती के दौरान भी काफी चर्चित रहा था। मामले में जब प्रभारी इंस्पेक्टर रोशनलाल से बात की गई तो उनका कहना है कि घटना के संबंध में एक अधिवक्ता ने उन्हें फोन पर जानकारी दी थी।
हालांकि किसी तरह की लिखित शिकायत अब तक नहीं मिली है। उधर सीओ सोरांव अशोक वैंकट का कहना है कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है। इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।