कोरोना महामारी के संकट से निपटने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के विद्यार्थियों ने मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया को अपना हथियार बनाया है। छात्र-छात्राएं ये लड़ाई अपने घर से बैठकर लड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर जागरूकता फैलाने के साथ वे लोगों को फेक न्यूज से भी आगाह कर रहे हैं। इसके लिए इविवि के सेंटर ऑफ मीडिया स्टडीज के विद्यार्थियों ने ‘सोशल मीडिया स्टडीज ग्रुप’ बनाया है और इस ग्रुप का निर्देशन सेंटर के कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. धनंजय चोपड़ा कर रहे हैं।
डॉ. धनंजय चोपड़ा ने बताया कि कोरोना को लेकर तेजी से फैल रहीं भ्रांतियों और अफवाहों से लोगों को बचाने एवं जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है। इसमें मीडिया की अहम भूमिका है और मीडिया की ओर से अपने दायित्व को बखूबी निभाया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखकर सेंटर में तैयार हो रहे मीडिया प्रोफेशनल्स को इस मुहिम में लगाया गया है। अभी दस विद्यार्थियों का एक ग्रुप बनाया गया है। इस मुहिम में आगे अन्य विद्यार्थियों के भी जुड़ने की संभावना है। ग्रुप के सभी सदस्यों को घर में रहकर यह काम करना है।
डॉ. चोपड़ा के अनुसार सोशल मीडिया एक्शन ग्रुप उन सभी अफवाहों पर नजर बनाए हुए हैं, जो लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं। इन अफवाहों को गलत साबित करने और सही जानकारी देने के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारियों एवं सरकार के नेशनल हेल्थ पोर्टल पर दी गई सूचना का उपयोग किया जा रहा है। ग्रुप के तहत एक हेल्प लाइन भी चलाई जा रही है। अगर कोई कोरोना संक्रमण से जुड़ी जानकारी चाहता है वह ग्रुप के ई-मेल ‘coronacms2020@gmail.com’ पर जाकर इसे प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा ‘मीडिया लिट्रेसी’ के नाम से फेसबुक पर पेज भी बनाया गया है। जल्द ही इस पर जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।