फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रों ने घेरा डीएसडब्ल्यू, परीक्षा नियंत्रक दफ्तर, संस्कृत के रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में हॉस्टल शुल्क माफ किए जाने की मांग और बीए द्वितीय वर्ष संस्कृत के रिजल्ट को लेकर काफी हंगामा हुआ। इन मुद्दों पर छात्रों ने डीएसडब्ल्यू और परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन किया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद छात्र माने और मामला शांत हुआ।
विज्ञापन

बीए द्वितीय वर्ष संस्कृत के रिजल्ट को लेकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव कर रहे छात्रों का कहना था कि उन्हें औसत से कम अंक मिले हैं। दरअसल, लॉक डाउन से पहले जिन पेपरों की परीक्षा हो चुकी थी, उनमें मिले अंकों के आधार पर छात्रों को औसत अंक देकर अगले वर्ष के लिए प्रमोट कर दिया गया है। हालांकि इविवि प्रशासन ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि छात्र अंकों से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे आगे चलकर हालात सुधरने पर संबंधित विषय की परीक्षा दे सकते हैं। छात्रों का आरोप था कि उन्हें औसत अंकों से कम नंबर मिले। वे नंबर बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जबकि परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह का कहना था कि अगर कोई समस्या है तो जांच करा ली जाए।
बाद में मौके पर पहुंचे चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय ने छात्रों को आश्वासन दिया कि विभागीय स्तर पर कमेटी बनाकर जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई होगी। इस पर छात्र माने और प्रदर्शन समाप्त किया। वहीं, डीएसडब्ल्यू कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि कोविड-19 के कारण हॉस्टल आधे समय तक बंद रहे, जबकि छात्रों से पूरे साल की फीस ली गई थी। छात्र मांग कर रहे थे कि नए सत्र में हॉस्टल शुल्क माफ किया जाए। मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने अनशन समाप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें