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छात्रों ने कहा, इविवि में अघोषित आपातकाल

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प्रयागराज। फेसबुक पर छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से की गई टिप्पणी को आपत्तिजनक बताकर उनके खिलाफ इविवि प्रशासन की ओर से हुई कार्रवाई के विरोध में छात्रसंघ के पदाधिकारी एकजुट हो गए हैं। उधर, कार्रवाई के बाद छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे के कार्यालय पहुंचे और अपने निलंबन एवं ब्लैक लिस्ट किए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई।
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बाद में छात्रसंघ पदाधिकारियों एवं अन्य छात्रनेताओं ने बैठक कर कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है। सभी कानून और मूल अधिकार भी निलंबित हो गए हैं और एक अघोषित तानाशाही युग की शुरुआत हो चुकी है। शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन को अनुशासनहीनता माना जाता है। फेसबुक पर अपनी राय व्यक्त करना विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करना है। डीएसडब्ल्यू को पत्र लिखना उद्दंडता है। जनतांत्रिक विरोध के तरीके आपराधिक गतिविधियों में आते हैं और चुने हुए छात्रसंघ के प्रतिनिधियों के साथ भ्रमण करना अपराध है।
छात्रनेताओं ने कहा कि छात्रसंघ के खिलाफ उनकी लड़ाई जनतांत्रिक विरोध के तहत सड़क से संसद तक जारी रहेगी। इविवि प्रशासन छात्रों को पहले ही भंग कर चुक है और अब छात्रसंघ पदाधिकारियों के उत्पीड़न की बारी है, लेकिन इससे छात्र डरने वाले नहीं हैं। बैठक में छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपमंत्री सत्यम सिंह सनी, छात्र नेता सौरभ सिंह बंटी, पृथ्वी प्रकाश तिवारी, अजय सम्राट, आशीष अतरौलिया, निखिल श्रीवास्तव, जितेंद्र धनराज आदि मौजूद रहे।
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इविवि प्रशासन ने छात्रों को किया सचेत
छात्रसंघ उपाध्यक्ष पर कार्रवाई के बाद इविवि प्रशासन की ओर से विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों को सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी न करने के लिए सचेत किया गया है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि सोशल मीडिया पर छात्र-छात्राओं की ओर से की जाने वाली मानहानिजनक टिप्पणियां एवं अनाप-शनाप वक्तव्य पोस्ट करना आपत्तिजनक एवं दंडनीय है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई किया जाना संस्था के हित में है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ साइबर क्राइम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
आपत्तिजनक टिप्पणी में एक और नोटिस
प्रयागराज। सोशल मीडिया पर इविवि के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, उच्चाधिकारियों, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल आदि पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में निलंबित किए जा चुके इविवि के छात्र गौरव तिवारी को दूसरी बार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इससे पूर्व जारी नोटिस का गौरव ने निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया था। गौरव को अब 25 जुलाई को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में स्पष्टीकरण देने का नोटिस दिया गया है। चीफ प्रंॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे अनुसार निर्धारित तिथि तक स्पष्टीकरण नहीं मिलता है तो मान लिया जाएगा कि गौरव को इस बारे में कुछ नहीं कहना है और उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को अंतिम रूप दिया सकता है।
हॉस्टल में छात्रों को धमकाने पर नोटिस
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पीसीबी हॉस्टल में नव प्रवेशित छात्रों को डराने-धमकाने के आरोप में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष कुमार एवं बीकॉम द्वितीय वर्ष के छात्र आकाश वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नव प्रवेशित छात्रों की शिकायत पर हॉस्टल अधीक्षक ने इन दोनों छात्रों का हॉस्टल में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे की ओर से जारी नोटिस में दोनों छात्रों को 12 जुलाई को अपराह्न दो बजे चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है और पूछा गया है कि इस कृत्य के लिए क्यों न उन्हें हॉस्टल से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया जाए।
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