एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी किए जाने और चयनितों का सत्यापन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप कराए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी सोमवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सामने धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें विवाद नहीं, बल्कि नौकरी चाहिए। तय किया कि अब वे परिणाम जारी होने तक रोज आयोग के सामने धरना देंगे।
हालांकि, धरना शुरू होने के बाद आयोग की ओर से सत्यापन प्रक्रिया स्थगित किए जाने की विज्ञप्ति जारी कर दी गई, जिससे धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का गुस्सा और बढ़ गया। अनिल उपाध्याय और विक्की खान के नेतृत्व में धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि दिन हो या रात, आयोग में चौबीस घंटे धरना जारी रहेगा। अभ्यर्थियों ने आयोग के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र उपाध्याय को ज्ञापन भी सौंपा। हालांकि, आयोग परिसर में रात के वक्त धरना-प्रदर्शन जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई।
अभ्यर्थियों ने निर्णय लिया कि जब तक सत्यापन प्रक्रिया शुरू नहीं होती और आयोग एलटी ग्रेड के बाकी विषयों का परिणाम घोषित नहीं कर देता है, तब तक रोज आयोग के सामने अभ्यर्थी धरना देंगे और दिनभर क्रमिक अनशन करेंगे। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री और आयोग के सचिव को संबोधित ज्ञापन में मांग की कि सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाए और एक माह के भीतर बाकी आठ विषयों का परिणाम घोषित किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने यह मांग भी की है कि जो वास्तव में दोषी हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ न किया जाए।
अभ्यर्थियों ने एसटीएफ की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने आयोग को जिन 50 छात्रों की लिस्ट दी थी, उनमें से 21 छात्रों ने परीक्षा ही नहीं दी। अगर उन्होंने पेपर के लिए लाखों रुपये खर्च किए थे तो परीक्षा क्यों छोड़ी। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले की जांच किसी न्यायमूर्ति या सीबीआई को दी जाए। साथ ही एक से दो माह की समय सीमा निर्धारित करते हुए जांच पूरी कराई जाए। छात्रों ने कहा कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का परिणाम जारी नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन होगा।
परीक्षा निरस्त कराने के लिए डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन
एक तरफ छात्र एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी करने की मांग को लेकर आयोग में धरना दे रहे हैं, वहीं प्रतियोगी छात्रों के दूसरे गुट ने परीक्षा निरस्त किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि परीक्षा को निरस्त करते हुए छह माह के भीतर इसका पुन: आयोजन कराया जाए।
छात्रों ने जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया। यह मांग भी गई कि परीक्षा नियंत्रक के साथ सचिव और आयोग के अध्यक्ष समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाए और पिछले दो साल में हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच रिटायर्ड जज के पैनल की निगरानी में कराई जाए। आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और भर्ती आयोगों एवं बोर्ड में भ्रष्टाचार रोकने के लिए राज्य स्तरीय आयोग का गठन किया जाए।
छात्रों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। छात्रों ने तय किया कि मंगलवार को सलोरी पार्क में बैठक की जाएगी और इसके बाद जुलूस निकाला जाएगा। प्रदर्शन में अनुराग वर्मा, सुनील मौर्य, सुनील यादव, राजेश सचान, अनिल सिंह, अमित पाठक, सुरेंद्र पांडेय, विनोवर शर्मा, सुनील, पवन गुप्ता, विजय सिंह आदि शामिल रहे।