रात के वक्त गेट पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। छात्रों का कहना है कि रात के वक्त अगर चाय-नाश्ता करना है या मार्केट से कुछ खरीदना है तो वह दो सौ मीटर पैदल चलकर कटरा पहुंच जाते थे, लेकिन गेट बंद होने के कारण अब उन्हें चंद्रशेखर आजाद पार्क के सामने वाले गेट से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में काफी दिक्कत हो रही है। छात्रों का कहना है कि इस गेट को कभी बंद नहीं किया गया।
हॉस्टल के छात्र इसके विरोध में बृहस्पतिवार दोपहर कटरा के तरफ वाले गेट पर धरने पर बैठ गए और गेट का ताला तोड़ दिया। इविवि प्रशासन को सूचना मिली तो चीफ प्रॉक्टर प्रो. हर्ष कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। छात्र देर रात तक धरने पर बैठे रहे और इविवि प्रशासन को गेट पर ताला नहीं लगाने दिया।
‘बुधवार को भी कुछ लोगों ने ताला तोड़ दिया था। वहां दोबारा ताला लगाया गया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार को फिर से तोड़ दिया। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। गेट बंद करने का निर्णय स्टाफ एवं छात्रों की सुरक्षा के लिए हुआ है। हमने गेट बंद रखने में जिला प्रशासन से मदद मांगी है। बीते दिनों विज्ञान संकाय में महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार की कुछ घटनाएं भी हुईं हैं, जिसके मद्देनजर गेट बंद करने का निर्णय लिया गया था। -’ डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि