एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामला सामने आने के बाद प्रतियोगी छात्र भड़के हुए हैं। बृहस्पतिवार को छात्रों ने कई जगह प्रदर्शन किया और आयोग एवं प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर इकट्ठा छात्रों ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की।
हालांकि सीबीआई पहले से ही अप्रैल 2012 से मार्च 2017 के बीच हुई यूपीपीएससी की परीक्षाओं जांच कर रही है लेकिन, अभ्यर्थियों की मांग है कि अब पिछले दो साल में हुई भर्ती परीक्षाओं की भी सीबीआई जांच कराई जाए। छात्रसंघ भवन पर छात्रों ने प्रदेश के कार्मिक मंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली और निर्णय लिया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे आयोग का घेराव किया जाएगा। छात्रों ने यह भी कहा कि परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार सिर्फ एक मोहरा हैं। आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में सरकार में उच्च पदों पर बैठे अधिकारी भी लिप्त है। जांच कराकर उउनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बैठक में छात्रसंघा अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव समेत दुर्गेश सिंह, विवेका नंद पाठक, अहमद इलियास, आनंद सिंह सेंगर, सुनील मौर्या, अजय यादव, जितेंद्र धनराज आदि मौजूद रहे।
उधर, प्रतियोगी छात्र संघर्ष न्याय मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने प्रदेश सरकार और आयोग का पुतला फूंका। प्रतियोगियों ने मांग की कि परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के कार्यकाल में जितनी परीक्षाएं हुईं, सभी निरस्त की जाएं। साथ ही सीबीआई ने अब तक जिन मामलों की जांच की, उनमें आगे क्या कार्रवाई हुई और सीबीआई ने क्या रिपोर्ट दी, इसे सार्वजनिक किया जाए। तय हुआ कि डेलीगेसी में पर्चे के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इस मौके पर अखिलेश गुप्ता, संदीप यादव, विकास तिवारी, रामकरन निर्मल, अजीत विधायक, अरविंद सरोज आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के सदस्यों ने भी मोर्चा अध्यक्ष कौशल सिंह के नेतृत्व में बैठक कर आयोग की कार्यकारिणी एवं परीक्षा नियंत्रक को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करते हुए न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की। साथ ही मांग की कि पीसीएस-2017 का अंतिम परिणाम आने के बाद पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा कराई जाए। वहीं, एपीओ भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने भी नौ जून को प्रस्तावित परीक्षा स्थगित करने की मांग की। वहीं युवा मंच के संयोजक राजेश सचान ने सीएम को पत्र भेजकर पिछले दो साल में हुई भर्ती परीक्षाओं की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराए जाने की मांग की। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने भी अब तक हुई भर्ती परीक्षाओं पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार इसका स्पष्टीकरण दे, क्योंकि लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगा है और आयोग से अभ्यर्थियों का विश्वास उठ चुका है।