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अतीक गैंग से जुड़े रूदापुर हत्याकांड के तार, माफिया के विष्णापुरी कॉलोनी में रहने वाले करीबी के घर छापा

Wed, 01 Jun 2022 01:13 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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atiq ahmed
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फाफामऊ के रूदापुर में प्रॉपर्टी डीलर को गोलियों से भूने जाने की वारदात के तार अतीक अहमद गैंग से भी जुड़ने की बात सामने आ रही है। हत्याकांड की जांच में जुटे पुलिस अफसरों ने कई थानों की फोर्स के साथ अतीक के करीबी के विष्णापुरी कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा।
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यहां पुलिस टीमें घंटों तलाशी अभियान में जुटी रही। दरअसल पुलिस को हत्याकांड में नामजद आरोपियों और हत्या में प्रयुक्त असलहों को यहां छिपाए जाने की जानकारी मिली थी। फिलहाल घंटों जांच पड़ताल के बाद पुलिस वापस चली गई। हालांकि इस बारे में पुलिस अफसर कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं।

रूदापुर में 28 मई को बेहद सनसनीखेज वारदात में प्रॉपर्टी डीलर मुबस्सिर अहमद को गोलियों से भून दिया गया था। फिल्मी स्टाइल में स्कॉर्पियो को घेरकर गोलियां बरसाई गई थीं। सूत्रों का कहना है कि पुलिस हत्याकांड की छानबीन में जुटी तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि मामले में नामजद कराए गए खुर्शीद, जावेद और जैद के कुछ रिश्तेदार पूरामुफ्ती के मरियाडीह व आसपास के इलाकों में रहते हैं।
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सबसे खास बात यह कि इन्हीं में से एक अतीक अहमद व उसके साथियों का भी करीबी है। यह बात भी पता चली कि तीनों भाइयों का इस रिश्तेदार के साथ काफी उठना बैठना था। वह अक्सर इसके घर आते-जाते थे। इसके बाद ही यह आशंका जताई जाने लगी कि हो सकता है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारोपी वहां जाकर ही छिपे हों। इस बात की भी आशंका जताई गई कि हत्या में प्रयुक्त असलहे भी वहीं छिपाए गए हों।

ऐसे में अफसरों ने कई थानों की फोर्स लेकर विष्णापुरी कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा। इस दौरान प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाला आरोपियों का रिश्तेदार घर से गायब मिला। जिसके बाद पुलिस सुरागरशी में जुटी रही। आसपास भी उसकी तलाश की। सीओ सुधीर कुमार का कहना है कि आरोपियों के वहां छिपे होने की सूचना मिली थी, ऐसे में फोर्स गई थी। 

म्योराबाद में बना रखा है लॉज
सूत्रों का कहना है कि आरोपियों खुर्शीद व उसके भाइयों ने जमीन पर अवैध कब्जाकर म्योराबाद में एक लॉज भी बनवा रखा है। साथ ही अवैध प्लाटिंग कर काफी जमीन बेच भी दी है। इस जमीन का कस्टोडिन पाकिस्तान चला गया था और इसके बाद ही दबंगई के बल पर इस जमीन को कब्जा कर इस पर तीन मंजिला लॉज बनवा लिया गया था।

लाइसेंस निरस्त करने को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला में खबर छपने के अगले ही दिन अफसरों की नींद टूटी। जिसके बाद हत्यारोपियों खुर्शीद व जावेद के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट भेज दी गई। गौरतलब है कि खुर्शीद के पास डीबीबीएल और जावेद के पास लाइसेंसी पिस्टल थी। अमर उजाला ने एक दिन पहले इस संबंध में खबर प्रकाशित कर सवाल उठाया था कि लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास होने के बावजूद आखिर अब तक उनके शस्त्र लाइसेंस क्यों नहीं निरस्त किए गए। सीओ सुधीर कुमार ने बताया कि लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। 


वीडियो वायरल होने की भी रही चर्चा
एक चर्चा यह भी रही कि पुलिस को घटना का लाइव वीडियो मिला है। यह वीडियो किसी ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड किया है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। उधर यह बात जरूर सामने आई कि पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला है जिसमें वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल से अपनी गाड़ियों से जाते दिखे हैं। 
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