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छात्रों के आंदोलन पर विवि प्रशासन सख्त

Sun, 01 May 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद व‌िश्वव‌िद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रसंघ आमने-सामने आ गया है। ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा के मुद्दे पर छात्रसंघ पदाधिकारियों के नेतृत्व में शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। चीफ प्रॉक्टर की ओर से छात्रसंघ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्री के खिलाफ एफआईआर लिखाने के लिए तहरीर दी गई है। इसके अलावा उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति की संस्तुति पर छात्रसंघ पदाधिकारियों तथा आंदोलन में शामिल अन्य छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। समिति से 10 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परिसर में हंगामा करने, शैक्षणिक माहौल बिगाड़ने, सरकारी काम और परीक्षा में बाधा पहुंचाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कुलपति और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग करने समेत कई आरोप में एफआईआर के लिए तहरीर दी गई है। कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू ने अफसरों से पूरे घटना की बाबत जानकारी ली। साथ ही जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की। इसमें स्टूडेंट एडवाइजरी कमेटी और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के लोगों को शामिल किया गया है। अफसरों का कहना है कि घटना हुई है। इसलिए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। यही कार्रवाई कमेटी को निर्धारित करनी है। पीआरओ डॉ.केएन उत्तम का कहना है कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

‘विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर वेद प्रकाश के कार्यालय आदेश संख्या डीओ नं. एफ-1-12 / 2015 के अनुपालन के क्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने सत्र 2016-17 में परास्नातक व अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन का निर्णय पूर्व में लिया है। यह निर्णय विद्वत परिषद और संकाय परिषद से पास होने के बाद विषय संबंधित विभागाध्यक्षों से विचार विमर्श भी किया गया है। प्रवेश परीक्षा हेतु की गई संपूर्ण जानकारी समय सारिणी एवं प्रबंधन से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेजी जा चुकी है। ऐसे में विश्वविद्यालय छात्रसंघ पदाधिकारियों व अन्य छात्रों द्वारा प्रवेश परीक्षा का ऑफलाइन विकल्प मांगना तर्कसंगत नहीं प्रतीत हो रहा है।
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छात्र आंदोलन के नाम पर विश्वविद्यालय में संचालित हो रही परीक्षाओं को शोरगुल द्वारा बाधित करना, कार्यालयों को जबरदस्ती बंद कराना व विश्वविद्यालय की संपत्ति को क्षति पहुंचाना व कार्यालयीय क्रिया कलापों में व्यवधान उत्पन्न कराना मर्यादित आचरण का प्रतीक नहीं है। सुदूर स्थानों से आए छात्रों एवं उनके परिजनों को समय पर विश्वविद्यालय संबंधित प्रमाणपत्र न दे पाने की स्थिति में उनके कष्ट का अनुमान लगाना कठिन है। अत: छात्रों एवं छात्रसंघ पदाधिकारियों से अपील की जाती है कि वर्तमान में विश्वविद्यालय की शैक्षिक प्रगति एवं क्रियाकलाप को सुचारु रूप में चलने में सहयोग प्रदान करें।’

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पदाधिकारियाें की अगुवाई में छात्र ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा समेत अन्य मांगों को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। सोमवार को उन्होंने विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर जमावड़ा की घोषणा की है। उसी दिन आगे के आंदोलन की घोषणा की जाएगी। छात्र नेताओं ने सोमवार से क्रमिक अनशन की भी घोषणा की है।
आंदोलन को सफल बनाने के लिए जनसभाओं और जनसंपर्क का दौर भी शुरू हो गया। परिसर में दिन भर के हंगामा के बाद लल्ला चुंगी पर सभा हुई। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने नेतृत्व में छात्र बहुल क्षेत्रों में भी सभाएं हुईं। उन्होंने डेलीगेसी तथा छात्रावासों में जनसंपर्क भी किया।
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