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उसूलों से भटकी ‘आप’, केजरीवाल तानाशाह

Sun, 17 May 2015 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। नई राजनीतिक जमीन की तलाश में इलाहाबाद आए आम आदमी पार्टी (आप) से अलग हुए प्रो.आनंद कुमार, प्रशांत भूषण और प्रो.योगेंद्र यादव ने शनिवार को प्रदेश और देश की सरकारों को जमकर कोसा। केपी कम्युनिटी हॉल में स्वराज संवाद के बहाने जुटे नेताओं ने शिक्षा, रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर राजनीतिक पार्टियों के चरित्र को उजागर किया। दावा किया कि स्वराज अभियान केजरिए देश की जनता को उसकी अपेक्षा के अनुरूप एक नया और परिवर्तनकारी राजनीतिक चेहरा दिया जाएगा, जो आदर्शों की राजनीति करेगा।
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सीनियर अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। कहा, विकास दर बढ़ने के साथ ही कुपोषण, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं भी बढ़ी हैं। ऐसी व्यवस्थाएं बनाई जाएं जिससे कि गांव, जिला और देश की समस्याएं, उन्हीं स्तरों पर हल कर ली जाएं। उन्होंने केजरीवाल को तानाशाह करार देते हुए कहा, जिन उसूलों के लिए आप का गठन किया गया था, उससे अब वह भटक गई है। पार्टी में लोकतंत्र बिल्कुल खत्म हो गया है। श्री भूषण ने कहा,
समाज में सांप्रदायिक सौहार्र्द बनाने के लिए हर जिले में सिटीजन कौंसिल का गठन होगा और छोटी-छोटी समस्याओं को दूर कराने केलिए स्वराज केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रो.आनंद कुमार ने भ्रष्टाचार को लेकर देश, प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोला। कहा, ऐसी सरकारें युवाओं के सपनों को कुचलने में लगी हैं।
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वहीं प्रोफेसर योगेंद्र यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए। ‘प्रथम’ नामक संगठन की रिपोर्ट के हवाले से कहा, नौ वर्ष में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या में 26 फीसदी की गिरावट आई है। कक्षा पांच के छात्र कक्षा दो की किताबें नहीं पढ़ पाते। उन्हें जोड़, घटाना, गुणा, भाग नहीं आता। शिक्षा पैसे का खेल है। बड़े घराें के छात्र डिग्रियां खरीद रहे हैं। सरकारी स्कूलों से बच्चे भाग रहे हैं। दोहरी व्यवस्था होने से गांव और शहरों के बच्चों में असमानताएं बढ़ती जा रही हैं। हर साल निजी स्कूलों की फीस में इजाफा हो रहा है।

भर्ती आयोगों, शैक्षणिक संस्थानों में हो रही गड़बड़ियों , उसके बाजारीकरण पर रोक के लिए जरूरी है कि योग्य लोगों की नियुक्ति की जाए। सरकारी नौकरियाें में फ्राड हो रहा है। सबको शिक्षा, समान शिक्षा और सार्थक शिक्षा वक्त की जरूरत है। केपी कम्युनिटी हॉल में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कर्मचारी नेता कृपाशंकर श्रीवास्तव और संचालन राजेश यादव ने किया।

 आम आदमी पार्टी के राजनीतिक भविष्य और उसके नेताओं पर बातचीत से कन्नी काट रहे आप के पूर्व नेताओं प्रो.आनंद कुमार, प्रशांत भूषण और प्रो. योगेंद्र यादव ने बाद में मीडिया से मुलाकात में कहा कि स्वराज अभियान की आदर्शवादिता का ख्याल रखें तो अन्ना, केजरीवाल के आने में भी कोई गुरेज नहीं है। हरियाणा के गुड़गांव से 14 अप्रैल को शुरू हुआ स्वराज अभियान  15 जून तक चलाया जाएगा।

जम्मू कश्मीर, पंजाब, कर्नाटका, असाम, बंगाल, उत्तर प्रदेश में स्वराज संवाद हो चुके हैं। 30 मई को उत्तराखंड, 31 मई को बिहार और चार जून को वाराणसी सहित देश के 30 जिलों में संवाद होंगे। इसमें पहुचंने वाले लोगों की कमेटी भी गठित की जा रही है। अंतिम संवाद दिल्ली में होगा, जिसमें राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा हो सकती है। इसकेपूर्व 19 और 20 मई को स्वराज अभियान की केंद्रीय कमेटी की दिल्ली में बैठक होगी जिसमें संगठन की रूपरेखा के साथ संविधान पर चर्चा होगी।

स्वराज अभियान की अगुवाई कर रहे सीनियर अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में भ्रष्टाचार के आरोप, परीक्षाओं केपर्चे लीक होने और परीक्षाओं के परीणामों में घपलेबाजी जैसे मुद्दों को लेकर प्रतियोगी छात्र आते हैं तो उनके मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाएगा। वहीं भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्य्क्ष कौशल सिंह के नेतृत्व में मोर्चा के सदस्य रविवार को प्रशांत भूषण से मुलाकात करेंगे।
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