इनर रिंग रोड परियोजना को तगड़ा झटका
क्रासर
केंद्र ने प्राथमिकता सूची से इनर रिंग रोड को किया अलग, एनएचएआई ने सर्वे प्रक्रिया स्थगित की
नए सिरे से इनर रिंग रोड की उपयोगिता पर भेजी गई मंत्रालय को रिपोर्ट
अनूप ओझा
प्रयागराज। इनर रिंग रोड परियोजना को केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची से अलग कर दिया गया है। इससे प्रयागराज के विकास की इस बड़ी परियोजना के निर्माण की दिशा में कदम रुक गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण संबंधी सर्वे की प्रक्रिया स्थगित कर दी है।
करोड़ों रुपये की लागत वाली इस इनर रिंग रोड का एनलाइनमेंट हो चुका था। प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक इस पर चार आरओबी और तीन पुलों का निर्माण होना था। इसमें दो पुल गंगा पर और एक यमुना पर बनाए जाने थे। हालांकि अब इस परियोजना की उपयोगिता को लेकर नए सिरे से रिपोर्ट बनाकर केंद्रीय सड़क-परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को भेजी गई है, ताकि इसे शुरू कराने पर सहमति बनाई जा सके।
केंद्र सरकार की ओर से इस परियोजना को प्राथमिकता सूची से बाहर किए जाने केबाद सर्वे और भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया रोक दी गई है। हालांकि वर्ष भर पहले केंद्रीय सड़क, परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ही इस इनर रिंग रोड परियोजना की घोषणा की थी। इसके बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के प्रयासों से इसका एनलाइनमेंट कराया गया और कैबिनेट से प्रस्ताव पास कराकर केंद्र को भेज दिया गया था। प्रस्ताव के मुताबिक कौड़िहार से सहसो तक जाने वाली इनर रिंग रोड अब तक शहर से कटे गंगा-यमुना के कछारी इलाके के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जानी थी। इस इनर रिंग रोड को कौड़िहार के पास सलहा से पुराने एनएच-2 से होकर दांदूपुर से निकाला जाना था। इसके बाद महुआरी और सरस्वती हाईटेक सिटी के बीच से होकर अंदावा होते हुए इसे सहसो के पास मिलाने की योजना तैयार की गई थी। हाल में ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने करीब 68 किमी लंबी इस फोर लेन इनर रिंग रोड के किनारे आठ नए टाउनशिप बसाने का निर्देश एनएचएआई के अफसरों को दिया था।
कोट
इनर रिंग रोड की उपयोगिता को लेकर दोबारा रिपोर्ट तैयार कराई गई है। जब तक मंत्रालय की ओर से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हो जाता तबतक इस पर कुछ कहना उचित नहीं होगा। । एके राय, परियोजना निदेशक, एनएचआई।