उन्होंने अफसरों से कहा कि महाकुंभ को ‘आउट ऑफ द वर्ल्ड’ बनाना है, ताकि प्रयागराज और यूपी ही नहीं, पूरे देश का नाम ऊंचा हो। उन्होंने भव्य-नव्य, सुरक्षित और स्वच्छ महाकुंभ कराने के साथ श्रद्धालुओं के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया।
कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि सेतु निगम की 14 परियोजनाओं में तीन पूरी हो चुकी हैं और 11 निर्माणाधीन हैं। इस पर मंत्री ने सेतु निगम के अधिकारियों से पीछे चल रही परियोजनाओं को मैन पॉवर बढ़ाकर निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने एनएचआई की ओर से बनाए जा रहे रायबरेली-प्रयागराज फोर लेन की प्रगति पर असंतोष जताते हुए कार्य को समय से पूरा कराए जाने के लिए निर्देशित किया। मेलाधिकारी ने बताया कि संगम से एयरपोर्ट रोड के कायाकल्प की योजना पूरी होने के बाद एयरपोर्ट से संगम तक मात्र 40 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
नौ पक्के घाटों का निर्माण अक्तूबर तक पूरा कराने की बात कही गई। इस मौके पर महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.वीके सिंह, विधायक शहर उत्तरी हर्षवर्धन वाजपेयी, विधायक करछना पीयूष रंजन निषाद, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा, यमुनापार अध्यक्ष विनोद प्रजापति, गंगापार अध्यक्ष कविता पटेल ने भी महाकुंभ की भव्यता के लिए अपने सुझाव दिए। इस मौक पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, डीएम नवनीत सिंह चहल, पीडीए वीसी अरविंद चौहान, नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग, डीसीपी नगर दीपक भूकर रहे।
मंत्री ने साल स्लीपर के टेंडर की अफसरों से ली जानकारी
नगर विकास मंत्री ने साल स्लीपर की टेंडर प्रक्रिया के बारे में भी अफसरों से जानकारी ली। पीडब्ल्यूडी की 79 परियोजनाओं की प्रगति के बारे में उन्होंने अफसरों से पूछा। महाकुंभ मेले में प्रवेश के लिए गंगा पर बनने वाले 30 पांटून पुलों के लिए साल स्लीपर की आपूर्ति की स्थिति उन्होंने जानी। कुंभ मेलाधिकारी ने बताया कि साल स्लीपर की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी के सभी स्थायी कार्य अक्तूबर तक पूर्ण कर लिए जाएंगे।