उत्तर प्रदेश विधान परिषद के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के कार्यक्रम की घोषणा के इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में प्रशासन ने चुनाव संबंधी तैयारियां शुरू कर दीं हैं। बुधवार को उपजिला निर्वाचन अधिकारी उपमा पांडेय ने बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
चुनाव की घोषणा होने के बाद वोटर लिस्ट में अब नाम विलोपन व संशोधन नहीं होगा। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत 10 जिलों में 119 मतदेय स्थल और 112935 मतदाता हैं। चुनाव में 1400 मतदाताओं पर एक बूथ होगा और 1400 से अधिक वोटरों वाले मतदेय स्थल पर एक सहायक मतदेय स्थल बनाने के निर्देश दिए गए हैं जिसकी सूची तैयार कराई जा रही है, जो अनुमोदन के लिए निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।
चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी और मतदान 23 अक्तूबर को होगा। उपजिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उप जिलाधिकारी व अतिरिक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सेक्टर और जोन की सूची तैयार करने की स्थिति की समीक्षा की गई। मतदेय स्थलों के प्रस्ताव के अनुसार रूटचार्ट तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक क्षेत्र के लिए विलोपन या संशोधन संबंधी कोई भी फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने विधानसभाओं के ईपी अनुपात और लिंग अनुपात की स्थिति का जायजा लिया।
जिन विधानसभाओं में यह अनुपात संतोषजनक नहीं पाया गया, वहां के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए गए। उन्हें अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं, विशेषकर महिला मतदाताओं का मतदाता सूची में पंजीकरण कराने को कहा गया। इसका उद्देश्य अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के ईपी अनुपात और लिंग अनुपात में सुधार लाना है। यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना है।