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रिश्वत लेने के आरोपी इंस्पैक्टर के निलंबन पर रोक

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रिश्वत लेने के आरोपी इंस्पेक्टर के निलंबन पर रोक
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेक्टर 20 नोएडा गौतम बुद्ध नगर में तैनात इंस्पेक्टर मनोज कुमार पंत के निलंबन पर रोक लगा दी है। इंस्पेक्टर पंत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट के तहत उसी थाने में मुकदमा दर्ज है। एसएसपी गौतमबुद्ध नगर ने 30 जनवरी 19 को उसे निलंबित कर दिया था। पंत को एक जून 2019 को प्रारंभिक जांच के लिए बुलाया गया था। कोर्ट ने इंस्पेक्टर को नियमित काम करने और वेतन देने का आदेश दिया है।
निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। प्रदेश सरकार की ओर से कोर्ट में इस मामले में कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि निलंबन का आदेश एसएसपी ने दिया है, जिनको इंस्पेक्टर के निलंबन का अधिकार ही नहीं है। इंस्पेक्टरों का नियुक्ति प्राधिकारी डीआईजी होता है इसलिए निलंबन आदेश गैरकानूनी और अधिकार क्षेत्र से बाहर है। हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार डीआईजी को ही इंस्पेक्टर के निलंबन का अधिकार है।
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अधिवक्ता का कहना था कि हाईकोर्ट की पूर्णपीठ का फैसला है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही निलंबन किया जा सकता है। जबकि इस मामले में निलंबन 30 जनवरी 19 को कर दिया गया और प्रारंभिक जांच करने का आदेश एक जून 19 को दिया गया। इसलिए निलंबन का आदेश गलत और गैर कानूनी है। कोर्ट ने निलंबन पर रोक लगाते हुए याची इंस्पेक्टर को नियमित सेवा में लेने और वेतन देने का आदेश दिया है।
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मामले के अनुसार 30 जनवरी को नोएडा के कॉल सेंटर संचालक पुष्पेंद्र चौहान ने इंस्पेक्टर और तीन टीवी चैनल रिपोर्टरों के खिलाफ आठ लाख रुपये रिश्वत लेने की शिकायत की थी। एसएसपी की टीम ने छापा मारा और थाने से आठ लाख रुपये बरामद किए। इंस्पेक्टर और तीनों रिपोर्टरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिनकी बाद में हाईकोर्ट से जमानत हुई।
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