इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से दाखिल विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने एकल पीठ की ओर प्रोफेसर डॉ.वीरपाल सिंह के खिलाफ प्रारंभिक जांच पर लगाई गई रोक के आदेश पर स्टे लगा दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली कॉलेज की प्रबंध समिति की ओर से दाखिल विशेष अपील पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने एकल पीठ की ओर प्रोफेसर डॉ.वीरपाल सिंह के खिलाफ प्रारंभिक जांच पर लगाई गई रोक के आदेश पर स्टे लगा दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने दिया है।
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कॉलेज प्रबंध समिति ने एकल पीठ के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में विशेष अपील दायर की थी। प्रबंध समिति के अधिवक्ता ने दलील दी कि किसी प्रारंभिक जांच के खिलाफ याचिका विचारणीय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के नजीर का हवाला दिया। कहा कि शुरुआती स्तर पर ही जांच पर अंतरिम रोक लगा देने से अंतिम राहत देने जैसा प्रभाव पड़ता है। इससे सच्चाई सामने नहीं आ पाती है। यह भी दलील दी कि वे प्रोफेसर को विभागाध्यक्ष के पद से हटाने संबंधी एकल पीठ के अंतरिम आदेश का विरोध नहीं कर रहे हैं।
खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई की तारीख तक एकल पीठ के चार अगस्त 2026 के आदेश प्रारंभिक जांच पर लगाई गई रोक का प्रभाव निलंबित रहेगा।