इलाहाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सबसे जरूरी यहां के ड्रेनेज सिस्टम में सुधार करना है। इसके लिए स्टार्म वाटर योजना पर काम होना बेहद जरूरी है। इससे बारिश के दौरान होने वाली जबरदस्त जलभराव की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इसके साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सिटी सेनिटेशन प्लान के जरिए भी जिले को बेहतर बनाने की जरूरत है।
स्मार्ट सिटी पर बार्सिलोना (स्पेन) में आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार से लौटे नगर आयुक्त आरपी सिंह ने बताया कि स्पेन, फ्रांस, अमेरिका जैसे देशों में ड्रेनेज सिस्टम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सिटी सेनिटेशन प्लान बेहद उन्नत है। वहां के जैसी व्यवस्था कर पाना तो अभी संभव नहीं है लेकिन इलाहाबाद में काफी हद तक इनमें सुधार की जरूरत है। बार्सिलोना में इन योजनाओं पर उन्नत काम करने वाले देशों की ओर से किए गए प्रजेंटेशन के आधार पर इलाहाबाद में कुछ हद तक काम कराने का प्रयास होगा। सेमिनार में इस पर चर्चा हुई कि स्मार्ट सिटी में नया और क्या-क्या हो सकता है। इसमें अजमेर और विशाखापत्तनम से भी अफसर पहुंचे।
नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के लिए बौद्धिक जागरूकता भी बेहद जरूरी है। सेमिनार में शामिल ज्यादातर देशों में जागरूकता का ही असर है कि वहां जहां-तहां गंदगी, अव्यवस्था नहीं है। इसके लिए अब निगम शहर के ज्यादातर स्थानों पर ढक्कन वाले खूबसूरत डस्टबिन रखने पर विचार करेगा। उन्नत देशों में ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटिक है। वहां सड़क पर यातायात के जवान नहीं नजर आते। नियम भी काफी सख्त है। यही व्यवस्था यहां लागू करने की जरूरत है। बताया कि बारिश में एक साथ काफी अधिक पानी के कारण ड्रेनेज सिस्टम ध्वस्त हो जाता है।
इसमें सुधार के लिए 859 करोड़ रुपये की स्टार्म वाटर योजना का प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजा गया है।
नगर आयुक्त ने बताया कि सड़क के साथ स्ट्रीट लाइटों को भी नए सिरे से तैयार किया जाएगा। एलईडी लाइट के लिए डीपीआर तैयार हैं और इसके लिए टेंडर भी हो गया है। उन्होंने बताया कि बार्सिलोना सेमिनार में रोबोट, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, हेलीकॉप्टर कैमरे जैसे अत्याधुनिक तकनीकों के मॉडलों का भी प्रदर्शन हुआ। जिसमें दिखाया गया कि इसके जरिए कैसे जन समस्याएं दूर की जा सकती हैं।