अभ्यर्थियों को इनमें से कोई चार प्रश्न हल करने थे। प्रत्येक प्रश्न 15 अंकों का था और अधिकतम शब्द सीमा 300 थी। दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में पूछा गया कि स्वास्थ्य मूल्यांकन के तरीकों पर चर्चा करें। शिशु की वृद्धि और विकास का वर्णन करें। एक्लेम्पसिया से पीड़ित मां के नर्सिंग प्रबंध पर चर्चा करें। मनोसामाजिक उद्दश्यों पर चर्चा करें, जो आपके रोगी को प्रभावित करते हैं।
वहीं, लघु उत्तरी सवाल पूछे गए कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार शिशु, बच्चों और गर्भवती माताओं के लिए एक टीकाकरण कार्यक्रम तैयार करें। अंत:स्त्रावी और बहि:स्त्रावी ग्रंथियों के बीच अंतर करें। संचार में आने वाली बाधाओं को बताएं। मनोग्रसित बाध्यता विकार (ओसीडी) की नैदानिक विशेषताओं का वर्णन करें। नर्सिंग कंप्यूटर के उपयोग पर चर्चा करें।
परीक्षा केंद्रों पर आयोग के कंट्रोल रूम की थी नजर
परीक्षा के लिए प्रयागराज में दो और लखनऊ में छह यानी कुछ आठ केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिये परीक्षा की लाइव स्ट्रीमिंग हो रही थी और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में बने कंट्रोल रूप से केंद्रों पर सीधी नजर रखी जा रही थी। प्रश्न पत्र डिजिटल लॉक वाले बक्सों में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए गए। परीक्षार्थियों की बायोमीट्रिक हाजिरी भी ली गई।