फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : एसआरएन में ड्यूटी के दौरान स्टॉफ नर्स की मौत, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप

Thu, 18 Sep 2025 02:11 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

एसआरएन अस्पताल में मंगलवार देर रात ड्यूटी के दौरान स्टाफ नर्स शिव दुलारी (30) की मौत हो गई। वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। घटना वाली रात तेज बुखार होने पर एक नर्स ने इंजेक्शन लगाया था।
विज्ञापन
एसआरएन अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एसआरएन अस्पताल में मंगलवार देर रात ड्यूटी के दौरान स्टाफ नर्स शिव दुलारी (30) की मौत हो गई। वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। घटना वाली रात तेज बुखार होने पर एक नर्स ने इंजेक्शन लगाया था। इसके कुछ देर बाद शिव दुलारी की मौत हो गई। वहीं, परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने और उनसे बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा सुरक्षित रखा गया है।

विज्ञापन


भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के बीरमपुर निवासी शिव दुलारी एसआरएन अस्पताल में बतौर स्टॉफ नर्स थी। वह तीन वर्षों से दो बेटियों के साथ अस्पताल परिसर के कॉलोनी में रहती थी। भदोही के डीघ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात पति सुनील कुमार ने बताया कि मंगलवार को वह पत्नी और बच्चों से मिलने आए थे। शिव दुलारी को तीन दिनों से बुखार था। वह दवा खाकर ड्यूटी कर रही थी।

रात करीब 10:30 बजे अस्पताल से फोन आया कि शिव दुलारी को तबीयत खराब है। सूचना पर वह कॉलोनी से अस्पताल पहुंचे। जहां स्टॉफ के लोग पत्नी का इलाज कर रहे थे। उनके सामने इंजेक्शन लगाया गया। इसके कुछ ही देर बाद शिव दुलारी की सांसें थम गईं। सूचना पर पहुंची एसआरएन चौकी की पुलिस ने परिजनों को शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। बुधवार को डॉक्टरों के पैनल में शव का पोस्टमार्टम किया।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सहकर्मियों ने लगाया काम के अतिरिक्त दबाव का आरोप

नाराज सहकर्मियों ने काम के अतिरिक्त दबाव को भी एक कारण बताया। उनका कहना था कि शिव दुलारी ड्यूटी पर आई तब 40 बेड के वार्ड में सिर्फ दो नर्स तैनात थीं जबकि दिन में आठ नर्स वार्ड संभालती हैं। इसके अलावा नर्स इंचार्ज पुष्पा ने जबरन इनकी सहयोगी नर्स प्रियंका को दूसरे वार्ड में ड्यूटी के लिए भेज दिया। अकेले वार्ड संभालने और काम के अतिरिक्त दबाव की वजह से उनकी तबीयत और बिगड़ गई।

काम के अतिरिक्त दबाव का आरोप गलत है। नर्स की चार दिनों से तबीयत खराब थी, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। उन्होंने अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र भी नहीं दिया था। हालत बिगड़ने पर तुरंत आईसीयू में उपचार किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। - प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें