सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों से नाराज राज्य कर्मियों ने सोमवार को विकास भवन में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का पुतला फूंककर प्रतीकात्मक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया। साथ ही प्रस्तावित हड़ताल टाले जाने के विरोध में उन्होंने नेशनल ज्वाइंट कौंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के संयोजक शिव गोपाल मिश्र का भी पुतला फूंका। वहीं, पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने भी वित्त मंत्री का पुतला फूंका।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करने के नाम पर कमेटी गठन की आड़ में सिर्फ धोखाधड़ी कर रही है। सातवां वेतन आयोग लागू से पहले भी विसंगतियों पर विचार के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया गया था लेकिन उस कमेटी के सुझावों को दरकिनार कर रिपोर्ट हूबहू लागू कर दी गई। ऐसे में कैसे मान लिया जाए कि नई कमेटी के गठन से कर्मचारियों को राहत मिलेगी। कर्मचारियों का कहना है कि केंद्रीय स्तर के कर्मचारी नेताओं को सरकार के झांसे में नहीं आना चाहिए था और पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 11 जुलाई से बेमियादी हड़ताल करनी चाहिए थी। कर्मचारियों ने यह आरोप भी लगाया कि एनजेसीए के संयोजक शिव गोपाल मिश्र ने सरकार से हाथ मिलाकर कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी की।
कर्मचारियों ने राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले जुलूस निकाला और पीएम, वित्त मंत्री और शिव गोपाल मिश्र का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया और न्यूनतम वेतन एवं फिटमेंट फार्मूले समेत अन्य विसंगतियों को तत्काल दूर करने की मांग की। इस मौके पर कर्मचारी नेता नरसिंह, विनोद श्रीवास्तव, नन्हूक राम यादव, रुद्रकांत मिश्र, कृपाशंकर श्रीवास्तव, अविनाश मिश्र, डॉ. कमल, शैलेंद्र तिवारी, रामचंद्र यादव, सुमित श्रीवास्तव, कमल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी कर्मियों ने अरुण पांडेय के नेतृत्व में वित्त मंत्री का पुतला फूंका और सातवें वेतन आयोग की निंदा करते हुए संशोधन की मांग की। इसमें ओपी सिन्हा, श्याम सूरत पांडेय, विद्या शंकर बाजपेयी, कृष्णा नंद तिवारी, सतीश पुरी, राजेंद्र सिंह, प्रकाश यादव आदि शामिल रहे।