संगम से नहीं हटेगा एसएसपी कार्यालय, सेना को भेजा जाएगा प्रस्ताव
जरूरी निर्माण की अनुमति के लिए मंडलायुक्त की ओर से सेना को भेजा जाएगा प्रस्ताव
परेड मैदान में बिना अनुमति स्थायी निर्माण को लेकर सेना के साथ है विवाद
गिराने के लिए सेना दो बार भेज चुकी है बुलडोजर, अफसरों का निरीक्षण जारी
प्रयागराज। प्रशासन की पहल सफल हुई तो संगम स्थित एसएसपी कार्यालय नहीं गिरेगा। परेड मैदान में हुए स्थायी निर्माण को बचाने तथा सेना के साथ विवाद को खत्म करने की एक बार फिर कवायद शुरू की गई है। मंडलायुक्त की ओर से स्थाई निर्माण की अनुमति के लिए शासन तथा सेना को प्रस्ताव भेजा जाएगा। हालांकि, कहा जा रहा है कि विवाद का समाधान जल्द नहीं हुआ तो सेना की ओर से एसएसपी कार्यालय पर किसी भी समय बुलडोजर चलाया जा सकता है।
परेड में बिना अनुमति स्थायी तौर पर एसएसपी कार्यालय का निर्माण कर लिया गया है। जबकि, वहां किसी तरह के स्थायी निर्माण पर रोक है। मेला प्रशासन कार्यालय परिसर में बने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) को लेकर भी सेना को आपत्ति है। उसका निर्माण भी सेना की अनुमति के बिना हुआ है। इसके अलावा भी कई अन्य स्थायी निर्माण करा लिए गए हैं। सेना की ओर से जुलाई में एसएसपी कार्यालय तथा अन्य निर्माण को गिराने का नोटिस दिया गया था। सेना ने परेड में बने कार्यालय तथा वहां रखे पांटून, चकर प्लेट आदि के नीलामी की सूचना भी जारी कर दी थी। हालांकि , मंडलायुक्त के हस्तक्षेप तथा मैराथन बैठक के बाद सेना की कार्रवाई रुक गई थी।
विवाद के समाधान तथा परेड में आईसीसीसी एवं एसएसपी कार्यालय के स्थायी निर्माण की अनुमति के लिए सेना मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन, अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। ऐसे में एक बार फिर सेना इन निर्माण को ढहाने की तैयारी में है। रविवार को सेना का बुलडोजर भी एसएसपी कार्यालय तक पहुंच गया था। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई रुक गई थी लेकिन, सेना के वरिष्ठ अफसरों के निरीक्षण का क्रम लगातार जारी है। ऐसे में स्थायी निर्माण ढहाने के लिए सेना की ओर से जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है। इसके मद्देनजर प्रशासन की ओर से भी स्थायी निर्माण को बचाने की कवायद तेज कर दी गई है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि सेना से लगातार वार्ता की जा रही है। हालांकि, उन्होंने वार्ता के विषय में कुछ भी बताने से मना कर दिया। मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल का कहना है कि सेना को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। हालांकि, प्रस्ताव के बिंदु पर बोलने से उन्होंने भी मना कर दिया। मंडलायुक्त का कहना है कि जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। वहीं, रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता गार्गी मलिक सिन्हा से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल नहीं उठा।
मोबाइल टॉवर, संगम नोज के पास निर्माण पर भी नजर
परेड में एक निजी कंपनी का मोबाइल टॉवर भी लगा गया है। अफसरों का कहना है कि इसके लिए जमीन लीज पर भी नहीं ली गई है। इसकी वजह से सरकार को राजस्व हानि हो रही है। इसके अलावा संगम नोज के पास भी कई स्थाई निर्माण करा लिए गए हैं। सेना की नजर इन निर्माण पर भी है।
परेड में बने कमरे ढहाए गए, हनुमान मंदिर के पास हुआ सर्वे
सेना की ओर से परेड मैदान में हुए स्थायी तथा अवैध निर्माण को ढहाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परेड में कई कमरों का निर्माण करा लिया गया था। दो दिन की कार्रवाई में उन्हें गिरा दिया गया। बुधवार को अन्य विवादित निर्माण भी ढहाए गए। बुधवार को बड़े हनुमान मंदिर के आसपास सर्वे कराया गया। सर्वे में शामिल कई सदस्य सेना की वर्दी में थे। वहां कई स्थायी तथा अवैध तरीके से अस्थायी निर्माण करा लिए गए हैं। माना जा रहा है कि सेना की ओर से उन्हें भी हटाया जाएगा।
25 को हटाई जाएंगी अवैध दुकानें
बांध से पहले तथा अक्षयवट मार्ग के आसपास अस्थाई तौर पर दुकानें आवंटित की गई हैं। इसकी आड़ में अवैध दुकानें भी खुल गई हैं। कई अन्य तरह के अतिक्रमण भी हो गए हैं। 25 अक्तूबर को अवैध कब्जे को ढहाया जाएगा। अवैध निर्माण का चिह्निकरण भी कर लिया गया है। सेना के इस अभियान में प्रशासन के लोग भी शामिल होंगे।