कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की 2013 से 2017 के बीच हुई परीक्षाओं में अब तक आठ परीक्षाएं गड़बड़ी, प्रश्नपत्र लीक होने के कारण निरस्त करनी पड़ी हैं। सबसे ताजा उदाहरण सीजीएल-2017 टियर-टू परीक्षा का पर्चा लीक होने का है। ऑनलाइन परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का स्क्रीन शॉट व्हाट्सएप पर बाहर आने के बाद परीक्षार्थियों ने आयोग की 2013 से अब तक की सभी परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग दोहराई है। गड़बड़ी के चलते निरस्त होने वाली प्रमुख परीक्षाओं में सीजीएल, सीएचएसएल, सिपाही भर्ती, एमटीएस भर्ती शामिल हैं।
परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बार-बार लीक होने और नकल पकड़े जाने पर कर्मचारी चयन आयोग जैसी भर्ती संस्था की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। आयोग की ओर से पेन-पेपर आधारित परीक्षा कराए जाने के दौरान बड़ी संख्या में दूसरे रीजन के छात्रों ने इलाहाबाद को केंद्र चुनकर नकल करने की कोशिश की और पर्चा निरस्त करना पड़ा। सीएचएसएल 2014 की परीक्षा के दौरान ऐसी ही गड़बड़ी के चलते इलाहाबाद, रायपुर, चंडीगढ़, दिल्ली केंद्रों पर नकल और धोखाधड़ी के आरोप में परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। 2013 में आयोग की परीक्षाओं में नकल और धोखाधड़ी की शिकायत सीजीएल 2013 में लेकर सामने आई।
आयोग की ओर से 2013 में हुई सीजीएल परीक्षा को निरस्त करने के बाद सीएचएसएल-2013 की परीक्षा दो बार निरस्त करनी पड़ी। पहली बार परीक्षा में अनियमितता, नकल और दूसरी बार बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्र जारी नहीं हो सके थे। 2014 की सीजीएल और सीएचएसएल परीक्षाएं नकल, परीक्षा से जुड़ी सामग्री गायब होने और अनियमितता के आरोप के चलते निरस्त हुईं। 2015 में सिपाही भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी का आरोप लगने और 2016 की एसआई परीक्षा में प्रश्नपत्र और ओएमआर लीक होने के बाद उसे भी निरस्त करना पड़ा। एसएससी की सबसे बड़ी परीक्षा एमटीएस के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद इसे निरस्त किया गया। ऑनलाइन हुई सीजीएल-2016 टियर-एक और दो की परीक्षाएं प्रश्नपत्र में गड़बड़ी और सर्वर की गड़बड़ी के चलते निरस्त करनी पड़ी। फरवरी 2018 में हुई सीजीएल-2017 टियर टू परीक्षा में नकल की बात सामने आने पर कई परीक्षार्थियों को परीक्षा से डिबार किया गया।