ssc cgl tier 2 results: students register their objections
प्रयागराज। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (सीजीएल) परीक्षा 2019 के परिणाम को लेकर परीक्षार्थियों ने सवाल उठाए हैं। परीक्षार्थियों का आरोप है कि आयोग की ओर से घोषित परिणाम भेदभावपूर्ण है। सीजीएल टियर-2 में पहले दो दिन की परीक्षा में शामिल होने वाले तो सफल हुए परंतु अंतिम दिन 18 नवंबर को परीक्षा में शामिल होने वाले अधिकांश अभ्यर्थी चयन से बाहर हैं। इन अभ्यर्थियों ने एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक को पत्र भेजकर उनके साथ न्याय करने की मांग की है। देश भर में परीक्षार्थी सोशल मीडिया पर मुखर हैं। साथ ही 25 फरवरी को सोशल मीडिया पर महाअभियान चलाने वाले हैं।
उत्तर कुंजी से मिलान में सही उत्तर के बाद भी सफल नहीं
परीक्षार्थियों का कहना है कि सीजीएल टियर-2 परीक्षा 15, 16 एवं 18 नवंबर को तीन दिन में हुई थी। पहले दो दिन परीक्षा के प्रश्नपत्र औसत दर्जे के रहे जबकि अंतिम दिन 18 नवंबर का प्रश्नपत्र बहुत आसान था। प्रश्नपत्र आसान होने के चलते अधिकांश अभ्यर्थियों ने सभी प्रश्न हल कर लिए। आयोग की ओर से जारी उत्तर कुंजी से जब 18 नवंबर की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने मिलान किया तो लगभग सभी उत्तर सही मिले। परिणाम जारी होने के बाद यह अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए जबकि पहले दो दिन 15 एवं 16 नवंबर को परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी टियर-2 की परीक्षा में सफल रहे।
अंकों के नार्मलाइजेशन में कम हो गए परीक्षा में मिले अंक
विरोध दर्ज कराने वाले अजित सोनकर का आरोप है अंकों के नार्मलाइजेशन में 18 नवंबर की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के लगभग 100 अंक कम कर दिए गए जबकि 15 एवं 16 नवंबर की परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के 75 से 80 अंक बढ़ा दिए गए। परीक्षार्थियों ने 18 नवंबर की परीक्षा दोबारा करवाने की मांग की है। परीक्षार्थियों अजित सोनकर, राहुल त्रिपाठी, अभिषेक मिश्र, गगन सिंह का कहना है कि आयोग ने यदि उनकी मांग नहीं सुनी तो वह दोबारा परीक्षा की मांग को लेकर एसएससी मध्य क्षेत्र कार्यालय पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे।