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रेजीडेंट डॉक्टर प्रमोद का शुगर असंतुलित, आईसीयू में रोके गए

Sat, 07 Jul 2018 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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ICU - फोटो : amarujala
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मेडिकल कॉलेज में गुरुजनों (वरिष्ठ चिकित्सकों/शिक्षकों) के कथित उत्पीड़न के शिकार रेजीडेंट डॉक्टर प्रमोद गुप्ता का शुगर लेवल असंतुलित हो गया है। जांच में पता चला है कि वह हाईपर ग्लाइसोमिया से पीड़ित हैं। इस स्थिति में उन्हें शुक्रवार को भी प्राइवेट कक्ष में शिफ्ट करने के बजाए आईसीयू में ही भर्ती रखा गया। विशेषज्ञों के मुताबिक इमरजेंसी में ऐसा अक्सर हो जाता है, उनकी मधुमेह(शुगर) की कोई हिस्ट्री नहीं है। वहीं रेजीडेंट डॉ. प्रमोद के डीएम को भेजे गए पत्र से कॉलेज में हड़कंप मचा है। रेजीडेंट डॉक्टरों ने शनिवार को ट्रामा सेंटर का उद्घाटन करने आ रहे मंत्री से शिकायत करने का निर्णय लिया है।
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रेजीडेंट डॉ. प्रमोद ने बुधवार की रात निलंबन की कार्रवाई से आहत होकर नींद की गोलियां खाकर खुदकुशी का प्रयास किया था। साथियों ने गंभीर हालत में उन्हें एसआरएन अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कराया था। इस घटना के विरोध में रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल कर चिकित्सकीय सेवाएं ठप कर दी थीं। हड़ताल से मरीजों और तीमारदारों को मायूस होकर लौटना पड़ा था। दवा की दुकानें बंद होने से लोगों को परेशानी हुई थी। शाम को हुए समझौते के बाद रेजीडेंट डॉक्टरों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया था।

रेजीडेंट डॉ. प्रमोद गुप्ता ने बृहस्पतिवार की रात जिलाधिकारी सुहास एलवाई को लिखे पत्र में अपने साथ हुई घटना का सिलसिलेवार विवरण दिया। आरोप लगाया कि पीएमएस संवर्ग का होने के नाते उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है। उनके साथ हुई घटना और निलंबन की कार्रवाई इसी का परिणाम थी। साथियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपार की लड़ाई का एलान किया तो आईसीयू से साथी रेजीडेंट डॉक्टरों को बाहर कर कॉलेज प्रशासन ने बीमारी की हालत में दबाव देकर माफीनाफा लिखाया। इस घटनाक्रम से वह और उनके साथी आहत हैं। यमुनापार जागृति मिशन के डॉ. भगवत पांडेय ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
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एसआरएन अस्पताल की सभी ओपीडी में शुक्रवार को मरीजों की भीड़ लगी रही। बृहस्पतिवार को रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के कारण सैकड़ों मरीजों और तीमारदारों को मायूस होकर लौटना पड़ा था। गॉयनी, मेडिसिन, ईएंडटी, सर्जरी, आर्थो, टीबी एंड चेस्ट आदि के साथ गैस्ट्रो विभाग की ओपीडी में दो बजे के बाद मरीज डटे रहे। कुछ ऑपरेशन भी किए गए। जांच कराने वालों की लाइन लगी रही।

रेजीडेंट डॉक्टरों से किसी का कोई विवाद नहीं है, डॉ. प्रमोद का स्वास्थ्य बेहतर है, विशेषज्ञ उनका इलाज कर रहे हैं। जल्द ही उन्हें प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। शिक्षकों और मेडिकल छात्रों के बीच की बात को कुछ लोगों ने अनावश्यक तूल देकर कॉलेज के माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया।
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डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य एमएलएन मेडिकल कॉलेज
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