मोती लाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल कॉलेज से संबद्ध स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय का विस्तार होने जा रहा है। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। एसआरएन अस्पताल का दायरा इतना बढ़ जाएगा कि लोग सीएवी इंटर कॉलेज के बगल से सीधे अस्पताल में प्रवेश कर सकेंगे। उन्हें घूमकर अंदर के रास्ते से नहीं जाना पड़ेगा।
लंबे समय से अस्पताल में प्रस्तावित मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए संबंधित भूमि के उपयोग की अनुमति सोमवार को प्रदेश सरकार की कैबिनेट से मिल गई। ऐसे में अब मरीजों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को विभिन्न मुद्दों पर बेहतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने बताया कि अस्पताल के विस्तार के लिए 50 हजार वर्ग मीटर भूमि की जरूरत थी। इसमें 18,700 वर्गमीटर जमीन का पट्टा पहले हो चुका था, जिसमें 7,362 वर्गमीटर भूमि पर निर्माण कार्य हो चुका है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद 31,300 वर्गमीटर जमीन भी उपलब्ध होने का रास्ता साफ हो गया है।
अब शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सुनिश्चित करे कि संबंधित जमीन जिन विभागों के अधीन है, वे समय से इसका हस्तांतरण करें। प्राचार्य के अनुसार सीएवी इंटर कॉलेज की जमीन को छोड़कर शेष एसआरएन अस्पताल में शामिल हो जाएगी। इससे महात्मा गांधी मार्ग से लोग सीधे अस्पताल पहुंच सकेंगे।
अब अस्पताल के पास स्थित महिला शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण कॉलेज के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी तेज हो जाएगी। इसके बाद प्रस्तावित ट्रॉमा एल वन सेंटर का भी निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ट्रॉमा सेंटर के लिए शासन की तरफ से 15.50 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया जा चुका है।
ये कार्य होंगे
1- अस्पताल को एमजी मार्ग से जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।
2- रास्ता साफ करने और आधुनिक सुविधाओं का निर्माण करने के लिए अस्पताल परिसर के आसपास स्थित पुराने सरकारी बंगलों को तोड़ा जाएगा।
3- इस विस्तार योजना में बहुमंजिला पार्किंग (मल्टी-लेवल पार्किंग) और 100 बिस्तरों के आईसीयू व अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा ब्लॉक का निर्माण शामिल है।
कैबिनेट की तरफ से एसआरएन अस्पताल के विस्तार के लिए 31,300 वर्गमीटर भूमि को मंजूरी मिल गई है। एसआरएन अस्पताल का प्रवेश द्वार सीएवी इंटर कॉलेज के बगल से होगा। इसके अलावा मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल व पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। कई अन्य प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे, जिससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। - डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज