स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय के सर्जरी विभाग में कोरांव निवासी 30 वर्षीय युवक के पैंक्रियाज से पथरियां निकालने के साथ छोटी आंत को जोड़कर उसे नया जीवन दिया गया। करीब तीन घंटे चली जटिल सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे हर हफ्ते फॉलोअप में रखा गया है।
कोरांव निवासी रजनीश को करीब तीन महीने से पेट में दर्द व उल्टी की शिकायत थी। इस दौरान मरीज को भूख लगना बंद हो गई और वजन भी तेजी से घटने लगा। एसआरएन अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज का शुगर लेवल भी अनियंत्रित पाया गया। वहीं, ब्लड व सीटी स्कैन की जांच में मरीज के पैंक्रियाज में करीब 11 पथरियों की पहचान हुई।
इसके बाद 24 मार्च को वरिष्ठ सर्जन डॉ. तरुण कालरा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष सिंह, डॉ. अभिषेक, डॉ. अत्री साहा व डॉ. सृष्टि सिकदार ने मरीज का जटिल ऑपरेशन किया। इस दौरान पैंक्रियाज से पथरियां निकालने के बाद छोटी आंत को जोड़ने का काम किया गया। वहीं, सर्जरी के बाद मरीज दो दिन आईसीयू और छह दिन जनरल वार्ड में रहा। इसके बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल मरीज को फॉलोअप में रखा गया है।
यह एक जटिल सर्जरी थी, जिसमें तीन घंटे से अधिक का समय लगा। पथरियों को निकालने के बाद छोटी आंत को जोड़ना मुश्किल काम है। फिलहाल, सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे हर हफ्ते फॉलोअप में रखा गया है।
- डॉ. संतोष सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर