एसआरएन अस्पताल में मरीज से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप मेडिकल बोर्ड की ओर से की गई जांच में सही नहीं पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख है कि मरीज के साथ दुष्कर्म के सबूत नहीं मिले हैं। फिलहाल सीएमओ की ओर से रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। मामले में पुलिस अफसरों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
मिर्जापुर निवासी युवक ने तीन दिन पहले एसआरएन अस्पताल में भर्ती अपनी बहन से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जिसके बाद सनसनी फैल गई। मामले में एसआरएन अस्पताल प्रबंधन के साथ ही सीएमओ की ओर से पृथक जांच कमेटियां गठित की गई थीं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट में दुष्कर्म के आरोपों को गलत बताया गया था। उधर सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड की ओर से की गई जांच संबंधी रिपोर्ट भी पुलिस को सौंप दी गई।
सूत्रों का कहना हे कि रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि जांच के दौरान महिला के शरीर पर किसी तरह के चोट का निशान नहीं मिला है। महिला के जननांगों व इसके आंतरिक भागों में भी कोई चोट नहीं मिली है। न ही किसी तरह के दुष्कर्म के सबूत मिले हैं। सीओ कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी का कहना है कि मेडिकल बोर्ड की ओर से भी जो जांच रिपोर्ट सौंपी गई है, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में दुष्कर्म के आरोप गलत पाए गए हैं तो कार्रवाई का कोई आधार नहीं बनता।