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SRN Hospital : स्टोर में होने के बावजूद बाहर से मंगानी पड़ती है शुगर स्ट्रिप, खास लोगों को मिलती है अस्पताल से

Thu, 28 Aug 2025 03:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि शुगर की नियमित जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली स्ट्रिप में भी काफी झोल है। क्योंकि, अस्पताल में स्ट्रिप होने के बावजूद जांच के लिए बाहर से शुगर स्ट्रिप मंगाई जाती है।
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शुगर स्ट्रिप्स। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि शुगर की नियमित जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली स्ट्रिप में भी काफी झोल है। क्योंकि, अस्पताल में स्ट्रिप होने के बावजूद जांच के लिए बाहर से शुगर स्ट्रिप मंगाई जाती है। ऐसे में मरीजों को मजबूरी में हर दो दिन के भीतर करीब 550 रुपये से अधिक कीमत की स्ट्रिप बाहर से खरीदनी पड़ रही है।

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हर महीने करीब 35 से 40 हजार मरीज एसआरएन में भर्ती होते हैं। इनमें 25 फीसदी मरीज गंभीर होते हैं जिन्हें एनेस्थीसिया आईसीयू या फिर अन्य विभागों के आईसीयू में भर्ती किया जाता है। ऐसे मरीजों की प्रतिदिन ब्लड प्रेशर व दो से तीन बार मधुमेह की जांच आवश्यक होती है। इसके लिए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रशासन औषधि व सर्जिकल सामग्री के लिए अलग से बजट जारी करता है।

वहीं, सर्जिकल के सामान में शुगर स्ट्रिप भी शामिल होती है। ऐसे में हर महीने करीब 50 हजार रुपये की शुगर स्ट्रिप मंगाई जाती है। इतना ही नहीं, थोक में शुगर स्ट्रिप लेने पर पांच से 10 मशीन भी कंपनी निशुल्क देती है। वर्ष 2022 तक अधिकांश गंभीर मरीजों के शुगर की जांच अस्पताल में मौजूद स्ट्रिप से हो जाती थी। मगर पिछले दो साल से गिने चुने लोगों को ही अस्पताल के स्टोर से शुगर स्ट्रिप मिल पाती है। बाकी अन्य मरीजों को बाहर से ही स्ट्रिप मंगाना पड़ता है।

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क्या-क्या होते हैं बहाने

एनेस्थीसिया आईसीयू व अन्य विभागों के आईसीयू में तैनात अधिकांश नर्स मरीज के तीमारदारों से बाहर से स्ट्रिप मंगाने पर जोर डालती हैं। इसके लिए उनके पास कुछ गिने-चुने बहाने होते हैं। इनमें पहला होता है कि अस्पताल के स्टोर में स्ट्रिप नहीं होती है। दूसरा मशीन खराब है और तीसरा अंदर की स्ट्रिप से सही जांच नहीं होती है।

अस्पताल के स्टोर में हर महीने शुगर स्ट्रिप मंगाई जाती है। अगर बाहर से मरीजों के परिजनों को बाहर से स्ट्रिप लाने के लिए कहा जा रहा है तो यह गलत है। अगर कोई इस प्रकार काम करता पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जल्द सभी विभागाध्यक्षों को नोटिस जारी करूंगा। - डॉ. वीके पांडेय, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कॉलेज
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