पुलिस को शक है कि कार्तिकेय की चैट हिस्ट्री में कई अहम सुराग हैं। ऐसे में अगर मोबाइल का लॉक खुल जाता है तो कई अहम सुराग मिल जाएंगे। 28 सितंबर को डॉ.कार्तिकेय का शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल से मोबाइल को कब्जे में ले लिया था।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट कार्तिकेय श्रीवास्तव (27) की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कार्तिकेय का आईफोन-13 का लॉक पुलिस खोल नहीं सकी है। सूत्रों के अनुसार अब इस फोन को दिल्ली स्थित एप्पल कंपनी के सर्विस सेंटर भेजा जाएगा।
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पुलिस को शक है कि कार्तिकेय की चैट हिस्ट्री में कई अहम सुराग हैं। ऐसे में अगर मोबाइल का लॉक खुल जाता है तो कई अहम सुराग मिल जाएंगे। 28 सितंबर को डॉ.कार्तिकेय का शव मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल से मोबाइल को कब्जे में ले लिया था। साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने मोबाइल को खोला तो पता कि इसमें सिक्योरिटी लॉक लगा हुआ है।
पुलिस ने लोकल स्तर से इसको खुलवाने की कड़ी मशक्कत की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सूत्र बताते हैं कि मोबाइल को दिल्ली के एप्पल कंपनी स्टोर पर भेजने का प्रोसेस चल रहा है। जहां कागजी प्रक्रिया पूरी होने बाद कंपनी से चैट का डाटा रिकवर करवाया जाएगा। पुलिस अफसरों का कहना है कि इसमें कई अहम सुराग मिलने की संभावना है।