ऐसे में इनकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बता दें कि 60 करोड़ रूपये की लागत से तीन साल पहले बिल्डिंग का निर्माण हॉस्पिटल सप्लाई कंट्रक्शन संस्था द्वारा किया गया था। वहीं निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इमारत को मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द नहीं किया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ एसपी सिंह द्वारा डीएम को पत्र लिखकर मुद्दे से अवगत कराया गया था, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी की एक टीम ने एक माह पहले इमारत का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी। वहीं इस हादसे के बाद कार्यदाई संस्था के साथ ही पीडब्ल्यूडी भी सवालों के घेरे में है।
दो दिनों में दूसरी बार गिरी सीलिंग
पिछले दो दिनों में लगातार दूसरी बार सीलिंग गिरने का मामला सामने आया है। शनिवार से पहले शुक्रवार को भी रेडियोलॉजी विभाग के ठीक बगल की सीलिंग टूट कर गिरी थी। हालांकि यहां पर सीलिंग की दो से तीन सीट टूटी थी, जिसको नजरअंदाज कर दिया गया था।
इस घटना के बाद मेरे द्वारा कार्यदाई संस्था व पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया गया है। साथ ही इसके तत्काल निदान को लेकर भी कहा गया है। इमारत को मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर करने का काम चल रहा है। - डॉ- एसपी सिंह, प्रधानाचार्य, मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज।