आर्थोपेडिक विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ.कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत के बाद एक बार फिर एसआरएन में कैमरों की मरम्मत का दम भरा गया। लेकिन, संस्थाएं सिर्फ कैमरों का सर्वे करके चली जा रही हैं। ह्दय रोग विभाग में लगे चार सीसीटीवी कैमरे हवा में झूल रहे हैं।
एसआरएन अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। 2018 में स्टार कम्युनिकेशन संस्था की ओर से परिसर में लगे 96 सीसीटीवी कैमरों की वारंटी सितंबर 2023 में समाप्त हो गई थी। कोलकाता की घटना के बाद इन्हें रिपेयर करने की योजना बनी, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका। कार्यदायी संस्था ने वारंटी खत्म होने के बाद इनकी मरम्मत करने से इन्कार कर दिया था।
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आर्थोपेडिक विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉ.कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत के बाद एक बार फिर एसआरएन में कैमरों की मरम्मत का दम भरा गया। लेकिन, संस्थाएं सिर्फ कैमरों का सर्वे करके चली जा रही हैं। ह्दय रोग विभाग में लगे चार सीसीटीवी कैमरे हवा में झूल रहे हैं। यूपी जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस) संस्था को इनकी मरम्मत के लिए राजी किया गया।
एक सप्ताह तक कैमरों का सर्वे चला, जिसके बाद संस्था ने मरम्मत में पांच लाख रुपये का खर्च बताया। इसे एसआरएन प्रशासन ने मंजूर कर लिया। जल्द से जल्द काम शुरू करने के लिए कहा, लेकिन बजट पास होने के बाद सीएनडीएस संस्था ने चुप्पी साध ली। सीसीटीवी कैमरों का सर्वे 20 दिन पहले हुआ था। लेकिन, अब तक कैमरों की मरम्मत का काम नहीं शुरू हो सका है।
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कैमरों का सर्वे पूरा हो चुका है। मरम्मत का बजट भी पास हो गया है। जल्द ही इनकी मरम्मत का काम शुरू हो जाएगा। - अजय सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन अस्पताल