कई महत्वपूर्ण दस्तावेज के साथ कुछ अलमारियां और बक्से साथ ले गईं। उनमें क्या था, यह आज भी पहेली है। केयरटेकर रहे मुंशी कन्हैया लाल ने भी पत्नी और बच्चों को इस बारे में कभी कुछ नहीं बताया। वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद मुंशी कन्हैया लाल का भी निधन हो गया। तहखाने की चाबी कन्हैया लाल की पत्नी चंपा देवी ने अपने पास रख ली। राजीव गांधी चुनाव जीत कर अमिताभ बच्चन के साथ स्वराज भवन आए तो चंपा देवी ने चाबी राजीव गांधी को सौंप दी। उस वक्त कन्हैया लाल की बेटी किरण बाला पांडेय और दामाद श्याम कृष्ण पांडेय भी मौजूद थे।
सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर केयर टेकर बने थे कन्हैया लाल
नेहरू परिवार के करीबी रहे मुंशी कन्हैयालाल फैजाबाद में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात थे। वर्ष 1934 में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और आनंद भवन की देखरेख की जिम्मेदारी उठा ली।