स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए ने हत्या और जानलेवा हमले के मामले में विधायक मुख्तार अंसारी के गुर्गे अभिषेक मिश्रा उर्फ दीपक की वारंट निरस्त करने की अर्जी खारिज करते हुए उसे जेल भेज दिया है। अभियुक्त ने हाईकोर्ट के निर्देश पर स्पेशल कोर्ट में शनिवार को आत्मसमर्पण किया था। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता को सुन कर दिया है।
प्रकरण आजमगढ़ के तरवा थाने का है। हत्या और जानलेवा हमले के मामले में सरकार बनाम अनुज कनौजिया आदि की पत्रावली स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के लिए विचाराधीन है। प्रकरण में अभियुक्त अभिषेक मिश्रा उर्फ दीपक की ओर से स्पेशल कोर्ट में शनिवार को आत्मसमर्पण करके अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट और कुर्की की कार्यवाही निरस्त करने की अर्जी प्रस्तुत की गई। अभियुक्त की ओर से कहा गया की पत्रावली आजमगढ़ से स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर होने के बाद उसके खिलाफ जनवरी 2020 में गैर जमानती वारंट जारी हो गया था। कोरोना महामारी के कारण वह अदालत में उपस्थित नहीं हो सका। उसने जानबूझकर कोई गलती नहीं की।
अभियोजन की ओर से वारंट निरस्त किए जाने की अर्जी का विरोध किया गया और कहा गया कि अभियुक्त को कोर्ट ने फरार घोषित कर दिया है और उसके खिलाफ कुर्की की कार्यवाही की जा चुकी है। नोटिस तामील होने के बाद भी अभियुक्त अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। अभियुक्त की ओर से हाईकोर्ट में रिट याचिका प्रस्तुत की गई थी, जिसमें हाईकोर्ट ने न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने अभियुक्त द्वारा प्रस्तुत वारंट निरस्त करने की अर्जी खारिज कर उसे को जेल भेज दिया है।