राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज में समाजशास्त्र के सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के विवाद को लेकर दाखिल सहायक अध्यापक गगनू लाल की विशेष अपील पर हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।
अपील में उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत एकल पीठ ने संयुक्त शिक्षा निदेशक के आदेश 16 जून 2013 एवं राज्य सरकार के आदेश 14 जून 2013 को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि नियुक्ति के बाद जब तक पूरी जांच नहीं कर ली जाती, तब तक नियुक्ति को रद्द नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को दो माह में दोनों पक्षों को सुनकर निर्णय लेने का आदेश दिया था, जिसे अपील में चुनौती दी गई थी।
यह आदेश न्यायमूर्ति बिश्वनाथ सोमद्दर तथा न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सहायक अध्यापक गगनूलाल की विशेष अपील को खारिज करते हुए दिया है। राजकीय इंटर कॉलेज प्रयागराज में एलटी ग्रेड टीचर की 2012 में भर्ती निकाली गई। अपीलार्थी बीएड की डिग्री पेश नहीं कर सका तो सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले द्वितीय स्थान वाले याची जसवीर सिंह को विकलांग कोटे में नियुक्ति दे दी गई। इसके खिलाफ अपीलार्थी की याचिका खारिज होने के बाद उसने राज्य सरकार को शिकायत की।
राज्य सरकार ने याची विपक्षी की जसवीर सिंह की नियुक्ति को रद्द कर दिया, जिसे याचिका में चुनौती दी गई। एकल पीठ ने नियुक्ति निरस्त करने के आदेश को रद्द कर दिया और संयुक्त शिक्षा निदेशक को दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार निर्णय लेने का आदेश दिया। इसी आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।