कोविड-19 संक्रमण के दौर में 729 लैब असिस्टेंट को सेवा में ज्वाइन कराने के लिए हाईकोर्ट की एकल न्यायपीठ के आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई है। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी। लेकिन, जिस खंडपीठ में सुनवाई थी, उसमें एक न्यायाधीश वही थे जिन्होंने इस मामले पर आदेश दिया था। इसके मद्देनजर याचिका पर दूसरी पीठ नामित करने के लिए प्रकरण को मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया गया।
प्रदेश के 729 लैब असिस्टेंट को सेवा में ज्वाइन कराने के एकल जज के आदेश के खिलाफ लगभग डेढ़ दर्जन याचिकाकर्ताओं ने विशेष अपील दाखिल की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 13 अंक पाने वालों को ज्वाइन कराया गया है, उनको भी इतने ही अंक मिले हैं, इसलिए वह भी नियुक्ति के हकदार हैं। जस्टिस शशिकांत गुप्ता व जस्टिस एसएस शमशेर की विशेष अपील बेंच ने इस अपील पर सुनवाई के लिए 11 जून की तिथि नियत की है। लैब असिस्टेंट की नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
कोर्ट ने नियुक्ति पर रोक लगाई थी। इस बीच कोरोना संक्रमण के कारण प्रदेश में लैब असिस्टेंट की कमी को देखते हुए सरकार ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर आदेश में संशोधन की मांग की थी। एकल जज ने आदेश पारित कर पूर्व पारित आदेश को संशोधित कर दिया था तथा कहा था कि इन सभी लैब असिस्टेंट को सेवा में ज्वाइन कराया जाए। कोर्ट ने कहा था कि इन सभी की ज्वाइनिंग याचिका पर पारित अंतिम आदेश के अधीन रहेगी। एकल जज ने याचिका पर सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तिथि नियत कर दी थी। कोर्ट के आदेश के बाद ऐसा माना जा रहा है कि अधिकांश लैब असिस्टेंट ने ज्वाइनिंग भी कर ली है।