राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ‘गर्ल विथ गोल्डेन हैंड्स’ दिव्यांग बबली गंभीर का कहना है कि किसी भी दिव्यांग को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। उसके भीतर भी अनगिनत संभावनाएं होती हैं। जब कोई बीज जमीन में बोया जाता है, तो वह गहरे अंधकार से जूझते हुए पौधे के रूप में बाहर आता है, तब तक वह अकेला संघर्ष करता है। हर किसी में अद्भुत शक्ति होती है, दिव्यांग में भी, बस जरूरत है तो उसे उभारने की।
बृहस्पतिवार को एक कार्यक्रम के सिलसिले में इलाहाबाद आईं स्किन साल्यूशन थेरेपिस्ट और वी फॉर वी की चेयरपर्सन बबली ने ‘अमर उजाला’ से मुलाकात में कहा, मैं खुद दिव्यांग हूं। मेरे हाथ तो आधे ही हैं, फिर भी इन्हीं छोटे हाथों से आसमान को छूने का सपना है, इन्हीं हाथों से सारी दुनिया को संवारना है।
मुझे अपर डिवीजन टीजर की नौकरी मिली थी लेकिन मुझे महिला सशक्तिकरण के लिए बहुत सा काम करना था, सो मैंने उसे छोड़ दिया। मुझे अपनी मानसिक शक्तियों का भी उपयोग करना था। इसीलिए सामाजिक सरोकारों की राह चुनी। जहां तक इलाहाबाद आने का सवाल था तो सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तियों के सम्मान जैसे समारोह में शिरकत करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। फिर संगमनगरी और बिग बी अमिताभ बच्चन के शहर आना तो सुखद ही है।
एक्सीलेंस इवेंट्स ऐंड प्रमोशंस की पहल पर 23 जून को सांस्कृतिक केंद्र प्रेक्षागृह में सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हस्तियों आलोक निगम, विमल किशोर, सैयद आफताब मेहंदी, सिस्टर अन्या सहित संस्थाओं उड़ान, सहयोग, ममता को सम्मानित किया जाएगा। सिविल लाइंस स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान संस्था के सैयद मजहर अब्बास ने कहा, इन्हें ‘गर्ल विथ गोल्डेन हैंड्स’ दिव्यांग बबली गंभीर सम्मानित करेंगी।