जिला न्यायालय ने सर्किट हाउस में घुस कर नारेबाजी और उपद्रव करने के मामले में सपा कार्यकर्ताओं की जमानत मंजूर कर ली है। इस मामले में नेहा यादव सहित 12 सपा कार्यकर्ता तीन अक्तूबर से जेल में बंद हैं। यह आदेश अपर जिला जज इंद्रजीत सिंह ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुन कर दिया है। घटना 3 अक्टूबर 2020 की सिविल लाइंस थाने की है । अभियुक्त गण पर आरोप है कि सर्किट हाउस के पास सड़क पर 15 से 20 लोगों ने हाथ में लिए पोस्टर जलाकर सड़क पर गुजर रहे लोगों की तरफ फेंकने, सुरक्षा कर्मियों को धक्का देकर सर्किट हाउस में घुसकर सरकार विरोधी नारा लगाने और बल प्रयोग कर मीटिंग हॉल में घुस गए। सभी का पुलिस ने लोक शांति भंग करने में चालान कर जेल भेज दिया था।
जेल में बंद सपा कार्यकर्ता नेहा यादव, निर्मला यादव, शिव यादव, हिमांशु मिश्रा, मोनू यादव, राहुल पटेल, मोहित यादव, अमन पांडे, मोहित पांडे, सुशील कोठारिया, अजय भारती की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। मंगलवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता सैयद इफ्तिखार हुसैन और रविंद्र यादव ने पक्ष रखा और कहा कि राजनीतिक कारणों से कार्यकर्ताओं को झूठा फंसाया गया है
इस प्रकरण में गिरफ्तार महिला सपा नेता कमलेश केशरवानी के जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम रामकिशोर शुक्ला ने की और बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनीष खन्ना को सुनकर जमानत मंजूर कर ली है कोर्ट ने 50000 हजार की दो दो जमानतें और अंडरटेकिंग दिए जाने पर रिहा करने का आदेश दिया है।