सपा सांसद मोहम्मद आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम और पुत्र अब्दुल्ला आजम खां की अग्रिम जमानत अर्जियों पर हाईकोर्ट में 11 दिसंबर को सुनवाई होगी। राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट से अनुरोध किया गया कि इस मामले में अपर महाधिवक्ता सरकार की तरफ से बहस करेंगे। इसलिए सुनवाई स्थगित की जाए। सरकारी अधिवक्ता ने यह भी आश्वासन दिया है कि 11 दिसंबर तक आजम खान के खिलाफ कोई प्रतिकूल या उत्पीड़न की कार्रवाई नहीं की जाएगी। दूसरी तरफ मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने भी मोहम्मद आजम खान के मामले को 11 दिसंबर को सुनवाई हेतु पेश करने का आदेश दिया है।
अर्जी पर अधिवक्ता कमरूल हसन सिद्दीकी और सफदर काजमी ने बहस की। आजम खां ने 16 मामलों में जमानत अर्जी दाखिल की है, जिसमें से यतीम खाने पर अवैध कब्जे को लेकर मामले दर्ज हैं। कुछ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन को लेकर के दर्ज हैं । कुछ मामले मुर्गी और बकरी चोरी को लेकर के दर्ज कराए गए हैं। इन सब 16 मामलों को लेकर हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई है। जिसकी सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।