लोकसभा चुनाव के छठें चरण के चुनाव का शोर बृहस्पतिवार की शाम थम गया। शोर थमने के साथ ही समाजवादी पार्टी ने अब अपना पूरा जोर जनसंपर्क पर लगा दिया है। यूं तो प्रयागराज की फूलपुर और इलाहाबाद सीट पर इस बार कांटे की जंग है, लेकिन सपा मानकर चल रही है कि इस बार वह दोनों सीटें जीतने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इन दोनों ही सीटों पर सपा और कांग्रेस प्रत्याशी का प्रचार कर चुके हैं। उनकी सभाओं में उमड़ी भीड़ से दोगुने जोश के साथ पार्टी ने अपना प्रचार 23 मई की शाम पांच बजे तक किया।
समाजवादी पार्टी ने फूलपुर से अमरनाथ मौर्य एवं कांग्रेस ने इलाहाबाद सीट से उज्जवल रमण सिंह पर भरोसा जताया है। इन दोनों ही सीटों पर भाजपा जहां हैट्रिक की उम्मीद लगा रही है तो वहीं सपा और कांग्रेस ने भी इन दोनों सीटों पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पार्टी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी यहां वोटरों को साधते नजर आए। सपा ने फूलपुर लोकसभा का का उपचुनाव 2018 में जीता था। ओवरऑल इस चुनाव की बात करें तो यहां भाजपा के मुकाबले सपा के पास बड़े चेहरे कम है।
इसी वजह से फूलपुर औैर इलाहाबाद संसदीय सीट पर अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने संयुक्त प्रचार किया। पूर्व राष्ट्रीय महासचिव सलीम इकबाल शेरवानी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव भी यहां तमाम जनसभाओं को संबोधित कर चुके हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने भी सभाएं कीं। सपा के मीडिया प्रभारी दान बहादुर मधुर ने कहा कि सीमित संसाधन होने के बावजूद सपा का चुनाव प्रचार सत्ताधारी पार्टी से बेहतर रहा।