गोस्करी का आरोपी मुजफ्फर। फाइल फोटो
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सपा ब्लॉक प्रमुख व गोतस्कर गिरोह सरगना मो.मुजफ्फर पर फिर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई है। सोरांव थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में उसके भाई असलम व एक अन्य आदिल निवासी मोतीकुंज लोहामंडी आगरा को भी गैंगस्टर में आरोपी बनाया गया है। अब पुलिस इस मामले में भी चार्जशीट के बाद उसकी अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करेगी।
नवाबगंज के चफरी निवासी मुजफ्फर कौड़िहार से ब्लॉक प्रमुख है। सोरांव पुलिस ने बताया है कि तीन लोगों के इस गैंग का लीडर मुजफ्फर है। प्रतिबंधित पशु की हत्या कर मांस बेचने का काम यह गिरोह करता है। इसका परिवहन बंगाल समेत अन्य प्रांतों में करता है। 2022 में साेरांव थाना क्षेत्र में ही इस गैंग के खिलाफ गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें चार्जशीट भी लग चुकी है।
पांच बार पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
मुजफ्फर पर गैंगस्टर की कार्रवाई पांच बार पहले भी हो चुकी है। 2021 में पूरामुफ्ती थाना पुलिस ने उसके साथ ही कुल 13 लोगों पर गैंगस्टर लगाया था। 2022 में फतेहपुर की खागा पुलिस ने उसे गैंगस्टर में आरोपी बनाया। इससे पहले 2014 में भदोही के औराई और 2017 में नवाबगंज पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की। जबकि, पिछले साल कोखराज पुलिस ने मुजफ्फर व उसके गुर्गों के खिलाफ गैंगस्टर लगाया था।
30 से ज्यादा मुकदमे हैं दर्ज
मुजफ्फर पूरामुफ्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस के मुताबिक वह अंतरराज्यीय गोतस्कर गिरोह का सरगना है। उस पर प्रयागराज के अलावा वाराणसी, कौशाम्बी, फतेहपुर, भदोही व चंदौली में 30 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर मामले गोवध अधिनियम के हैं। उसने जेल में रहते हुए ब्लॉक प्रमुख का चुनाव जीता था। पिछले साल उसके खिलाफ पुरामुफ्ती थाने में एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने को मामला दर्ज हुआ था। इसमें उसके साथ ही उसके छह भाई भी नामजद कराए गए थे।