इलाहाबाद। ‘मन की बात’ केएक वर्ष पूरे होने पर आकाशवाणी से जनप्रतिक्रियाओं पर केंद्रित ‘वार्ताओं के अखिल भारतीय कार्यक्रम’ सोमवार की रात प्रसारित किया गया। इस कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मन की बात’ के लिए देश भर से आए चुनिंदा सुझावों पर ही जल्द ही अमल होगा।
‘मन की बात’ के बारे में जनप्रतिक्रियाओं पर केंद्रित ‘वार्ताओं के अखिल भारतीय कार्यक्रम’ में दो पूर्व राज्यपालों सहित महाभारत के ‘मैं समय हूं’ फेम हरीश भिवानी, ओमपुरी, नसीरुद्दीन शाह, आशा पारिख सहित इलाहाबाद से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सचिन शर्मा, डॉ. शोभना वर्मा जैसी हस्तियों के सुझाव शामिल हैं। खास यह कि ‘मन की बात’ के लिए जनप्रतिक्रियाएं जानने का सुझाव आकाशवाणी इलाहाबाद के कार्यक्रम प्रमुख मंजुल किशोर वर्मा ने ही दिया था। उनकी ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय को लिखे पत्र के बाद आकाशवाणी ने देश के सभी केंद्रों से ऐसा करने को कहा। इसमें से चुनिंदा सुझावों को प्रसारित किया गया, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार डॉ.सचिन शर्मा का सुझाव भी शामिल था। इस पर अमल किया गया तो जल्द ही मोबाइल में एक एप्प ‘मन की बात’ का भी होगा।
डॉ. शर्मा ने देश के दूर दराज गांवों तक आकाशवाणी की पहुंच और सहित ‘मन की बात’ के महत्व तथा प्रभाव सहित इसे और प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव दिए थे। आकाशवाणी इलाहाबाद के कार्यक्रम प्रमुख मंजुल किशोर वर्मा के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के बहाने आकाशवाणी का महत्व और मान बढ़ाया। आकाशवाणी, मोदीजी के कारावास के दिनों का सबसे सच्चा साथी रहा और पीएम बनने के बाद ‘मन की बात’ के बहाने उन्होंने इसे यथोचित मान दिया। खास यह कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद हर माह आकाशवाणी से प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के ऐसे दूर-दूराज इलाकों तक पहुंच रहा है, जहां टीवी या अन्य किसी प्रसार माध्यम की पहुंच नहीं है। ऐसे में देश का हर शख्स प्रधानमंत्री के संदेश को सुन पा रहा है।