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Cyber Crime : बेटा पुलिस केस में फंस गया है, छुड़ाना है तो 25 हजार दो, व्हाट्सएप पर लगा रखी थी आईपीएस की डीपी

Thu, 25 Apr 2024 01:26 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, छात्र के मां के मोबाइल पर सुबह एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को थाने का एसएचओ बताया। कहा कि उनका बेटा एक शर्मनाक हरकत करते हुए पकड़ा गया है और उसे थाने में रखा गया है। उसे पिटाई और जेल जाने से बचाना है तो 25 हजार रुपये देने होंगे।
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साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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आपका बेटा पुलिस केस में फंस गया है। उसे छुड़ाना है तो 25 हजार रुपये तुरंत दीजिए। ऐसा नहीं किया तो पिटाई तो होगी ही, करियर भी खराब हो जाएगा।’ बुधवार को सेंट जोसेफ कॉलेज के एक छात्र की मां के पास अज्ञात नंबर से फोन कर यह सूचना दी गई तो उनके होश उड़ गए। वह भागते हुए स्कूल पहुंची तो बेटा सकुशल मिला। तब पता चला कि यह साइबर ठगों की करतूत थी। फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है।

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कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, छात्र के मां के मोबाइल पर सुबह एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को थाने का एसएचओ बताया। कहा कि उनका बेटा एक शर्मनाक हरकत करते हुए पकड़ा गया है और उसे थाने में रखा गया है। उसे पिटाई और जेल जाने से बचाना है तो 25 हजार रुपये देने होंगे। मां यह सुनकर घबरा गई। उसने इसकी जानकारी दी तो पति भी आ गए। इसके बाद पति-पत्नी भागते हुए स्कूल पहुंचे जहां बेटा सुरक्षित मिला।

तब पता चला कि यह साइबर ठगों की करतूत थी। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को घटना की जानकारी दी। कॉलेज के प्रधानाचार्य फादर थॉमस ने बताया कि मामले की जानकारी सिविल लाइंस पुलिस को दी गई है। अभिभावकों को भी इस संबंध में एसएमएस से जागरूक किया गया है। इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव ने बताया कि जांच की जा रही है।

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डीपी में लगा रखी थी आईपीएस की तस्वीर

जिस नंबर से छात्र की मां के पास कॉल आया, उसकी डीपी में आईपीएस अफसर की तस्वीर लगी हुई थी। खास बात यह कि कॉलर ने खुद को एसएचओ बताया जबकि तस्वीर किसी आईपीएस अफसर की लगा रखी थी। डीसीपी नगर दीपक भूकर बताते हैं कि वर्तमान में लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि ऐसी किसी भी कॉल पर भरोसा न करें। पहले स्कूल या संबंधित स्थान पर पहुंचकर खुद पता लगाएं। सूचना किसी परिजन के बारे में है तो उससे संपर्क करने की कोशिश करें। ऐसे मामलों में साइबर अपराधी आपकी घबराहट, डर का फायदा उठाते हैं। इन बातों का ध्यान रखा जाए तो काफी हद तक साइबर अपराध का शिकार होने से बचा जा सकता है।
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