डीपी में लगा रखी थी आईपीएस की तस्वीर
जिस नंबर से छात्र की मां के पास कॉल आया, उसकी डीपी में आईपीएस अफसर की तस्वीर लगी हुई थी। खास बात यह कि कॉलर ने खुद को एसएचओ बताया जबकि तस्वीर किसी आईपीएस अफसर की लगा रखी थी। डीसीपी नगर दीपक भूकर बताते हैं कि वर्तमान में लगातार इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि ऐसी किसी भी कॉल पर भरोसा न करें। पहले स्कूल या संबंधित स्थान पर पहुंचकर खुद पता लगाएं। सूचना किसी परिजन के बारे में है तो उससे संपर्क करने की कोशिश करें। ऐसे मामलों में साइबर अपराधी आपकी घबराहट, डर का फायदा उठाते हैं। इन बातों का ध्यान रखा जाए तो काफी हद तक साइबर अपराध का शिकार होने से बचा जा सकता है।