जिला न्यायालय ने मां की हत्या का आरोप साबित होने पर आरोपी बेटे रामबली त्रिपाठी को 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। यह निर्णय अपर जिला जज प्रथम आर के शुक्ला ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता गिरीश चंद तिवारी एवं एडीजीसी राजकुमार सिंह एवं राधा को सुनकर सुनकर दिया है।
घटना 30 मई 2006 की सुबह 5.45 बजे की लालापुर थाने की है। अभियोजन के अनुसार अभियुक्त की मां रुकमणी देवी आंगन में लेटी थी उसी समय अभियुक्त से कहासुनी होने लगी और तभी अभियुक्त ने तमंचा निकालकर मां को जान से मारने की नियत से फायर कर दिया।
गोली लगने से मां की मौत हो गई। भाई शिवबली बचाने दौड़ा तो वह भी गोली लगने से घायल हो गया। आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने कुल 7 गवाहों को परीक्षित कराया है